ग्रेटर नोएडा वेस्ट में चार मूर्ति चौक पर बना अंडरपास कल सुबह से ट्रायल के लिए खुल जाएगा। ऐसे में वाहनों की आवाजाही हनुमान मंदिर रोटरी से तिगरी, गाजियाबाद की तरफ शुरू हो जाएगी। 12 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका औपचारिक लोकार्पण करेंगे जिसके बाद अंडरपास पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
एसीईओ सुमित यादव ने बताया कि अभी ट्रायल के लिए छह लेन के गौड़ अंडरपास को खोला जा रहा है। इससे अगर कोई कमी अंडरपास में रह गई होगी तो उसे समय रहते दूर कर लिया जाएगा। दीपावली से पहले ही यह अंडरपास शुरू किया जाना था। ऐसे में इससे अभी वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी जा रही है। इससे करीब पांच लाख लोगों को सीधे तौर पर फायदा होगा। टेकजोन-4, एफएनजी, सेक्टर-1, सेक्टर-2, सूरजपुर-कासना रोड से आने वाले वाहन सीधे गाजियाबाद, तिगरी, गौड़ सिटी की तरफ बिना जाम में फंसे गुजर सकेंगे।
सीईओ रवि कुुमार एनजी का कहना है कि अंडरपास से चार मूर्ति चौराहा पर जाम में फंसने की बड़ी समस्या खत्म हो जाएगी। करीब 100 करोड़ रुपये खर्च कर यह अंडरपास ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बनाया है। बारिश से बचाव के लिए जरूरी शेड भी यहां लगाए गए हैं। इससे जलभराव की भी समस्या नहीं होगी। रात के समय अंडरपास में अंधेरा नहीं हो, इसके लिए पर्याप्त रौशनी का इंतजाम भी रहेगा। अंडरपास से गुजरना सुखद हो, इसके लिए पर्यावरण, विकास को समर्पित पेंटिंग भी अंदर कराई गई है। अंडरपास के ऊपर भी चार मूर्ति चौक का आकार छोटा कराया गया है जिससे अतिरिक्त जगह 130 मीटर रोड से गुजरने वाले वाहनों को मिल सकेगी। इससे जाम से निजात यहां भी मिलेगी।
92 करोड़ रुपये खर्च कर हो रहा निर्माण
2024 की शुरुआत में अंडरपास का निर्माण शुरू हुआ। शुरुआत में की करीब 60 करोड़ रुपये लागत इसकी बताई गई थी जोकि टेंडर प्रक्रिया के समय संशोधित होकर82 करोड़ रुपये हो गई। बिजली लाइन और अन्य यूटिलिटी शिफ्ट करने की लागत सहित इस अंडरपास पर करीब 92 करोड़ रुपये हो गई। इस काम को 18 महीने में पूरा कर लिया जाना था। ऐसे में 2026 की शुरुआत में इस अंडरपास को शुरु हो जाना चाहिए था। काम में देरी को देखते हुए बाद में तीन बार इसकी तारीख बढ़ी। अब यह अंडरपास उपयोग में आ सकेगा। सात करोड़ रुपये की कीमत से शेड का काम अंतिम समय में जुड़ने से लागत करीब 100 करोड़ रुपये हो गई।