फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यीडा क्षेत्र में कालोनाइजर %शाहबेरी’ की तरह काट रहे कालोनी

विज्ञापन
विज्ञापन
यीडा क्षेत्र में ‘शाहबेरी’ की तरह कॉलोनी काट रहे कॉलोनाइजर
विज्ञापन

ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में कॉलोनाइजर धड़ल्ले से अवैध कॉलोनी काट रहे हैं। वह शाहबेरी फार्मूले पर प्लॉटिंग कर रहे हैं। प्लॉट खरीदारों के नाम किसानों से सीधे रजिस्ट्री करवाई जा रही है। इससे कॉलोनाइजर पकड़ में नहीं आ रहे हैं। दरअसल, एयरपोर्ट की घोषणा के बाद उसके आसपास की जमीन पर अतिक्रमण बढ़ गया है। कॉलोनाइजर 100-50 वर्ग मीटर प्लॉट बेचकर अवैध कॉलोनी बसाने में जुट गए हैं। एनसीआर से तमाम खरीदार इन कॉलोनाइजरों के चंगुल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई लगा रहे हैं। वहीं, यमुना प्राधिकरण को अवैध कॉलोनी की सूचना मिली तो सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने भूलेख व इंजीनियरिंग विभाग की टीम को मुआयना करने भेजा। महाप्रबंधक के के सिंह ने बताया कि गांव सादुल्लापुर उर्फ मॉडलपुर गांव में भू माफिया बांके बिहारी सिटी के नाम से कॉलोनी काट रहा है। यहां एक मंदिर भी बना दिया गया है। यह कॉलोनी खुर्जा-जेवर रोड पर है। इसी तरह झाझर में एयरो सिटी के नाम से कॉलोनी काटी जा रही है। यह कॉलोनी जेवर सिकंदराबाद रोड पर है। इन कॉलोनियों में 50 से 100 गज के भूखंड अधिक हैं। छोटे आकार के भूखंडों की मांग भी है। यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति के इस तरह की गतिविधि अवैध है। अगर किसी किसान को भी निर्माण कार्य कराना है तो उसको पहले अनुमति लेनी होगी। उन्होंने बताया कि कॉलोनी काटने वाले खरीदारों के नाम खुद से रजिस्ट्री नहीं कर रहे, बल्कि किसानों से सीधे रजिस्ट्री कराते हैं। एफआईआर जमीन मालिक के खिलाफ होती है। ऐसे में किसान ही फंस जाता है। कॉलोनाइजर बच जाते हैं।
विज्ञापन

गैंगस्टर लगाने की करेंगे सिफारिश
बता दें, कि शाहबेरी में भी कॉलोनाइजरों ने इसी तरह किसानों से खरीदारों के नाम रजिस्ट्री करा रखी है। बहुत कम कॉलोनाइजरों ने किसानों से अपने नाम पर जमीन खरीदी है। केके सिंह ने बताया कि इन कालोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए गैंगस्टर लगाने की भी सिफारिश की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें