संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा-2024 की आरक्षित सूची जारी होने के बाद उमड़ा गांव में खुशी का माहौल है। गांव के 26 वर्षीय प्रद्युम्न बिजल्वाण ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 98वीं रैंक प्राप्त कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई है। कड़ी मेहनत, लगन और धैर्य के साथ मिली यह सफलता प्रद्युम्न के साथ-साथ उनके पूरे परिवार और गांव के लिए गौरव का क्षण है।
वर्तमान में ऋषिकेश में रहने वाले प्रद्युम्न ने बताया कि उन्होंने चौथे प्रयास में सफलता हासिल की है। वर्ष 2020 से वह सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। तीन प्रयासों में वह असफल रहे लेकिन कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने चौथे प्रयास में सफलता हासिल की है।
वर्ष 2016 में ऋषिकेश के निजी विद्यालय से इंटर की परीक्षा सर्वाधिक नंबरों के साथ उत्तीर्ण किया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली से बीएससी की पढ़ाई की। कोरोना काल के दौरान घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया। प्रद्युम्न के पिता एक निजी विद्यालय की स्कूल बस में कंडक्टर का काम करते हैं।
बेटे की सफलता पर पिता शिव प्रकाश ने खुशी जाहिर की है। प्रद्युम्न की एक बहन भी है। प्रद्युम्न ने माता-पिता और बहन को अपनी सफलता का श्रेय दिया है। प्रद्युम्न के पिता शिव प्रकाश बिजल्वाण ने बताया कि प्रद्युम्न के जन्म से तीन वर्ष तक का समय उमड़ा गांव में दादी की गोद में लालन-पालन में बीता। प्रद्युम्न ने बताया कि उन्हें अपने गांव से बहुत प्रेम है। कुछ समय पूर्व ही वह अपने गांव और नानी के गांव मौन गए थे।