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Noida News: स्कूल बस में 7 घंटे तक अकेले बंद रहा यूकेजी का छात्र

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- मां ने पैरेंटस व्हाट्स ग्रुप में लगाए आरोप, 25 किमी दूर सुनसान इलाके में मिली बस, वीडियो वायरल
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- सुबह घर से बस में हुआ रवाना, छुट्टी के बाद लौटी बस में नहीं मिला
संवाद न्यूज एजेंसी

नोएडा। सेक्टर-44 स्थित निजी स्कूल के यूकेजी का छात्र करीब सात घंटे तक स्कूल बस में अकेले बंद रहा। सेक्टर-78 से स्कूल के लिए घर से बस में सवार होने के बाद मासूम को नींद आ गई। रास्ते में बस खराब हो गई। बस में सवार बच्चों को दूसरी बस में स्कूल भेज दिया गया। स्कूल से करीब 25 किमी दूर सूनसान इलाके में खड़ी खराब बस में बच्चा अकेले सोता रहा गया। जिम्मेदारों ने बस की जांच नहीं की। दोपहर बाद स्कूल की छुट्टी होने पर लौटी बस में मासूम के नहीं मिलने पर मामले का खुलासा हुआ।
बस में बच्चे को नहीं देख परिजनों ने स्कूल प्रबंधन को फोन किया। स्कूल प्रशासन ने बच्चे के स्कूल नहीं पहुंचने की जानकारी दी।स्कूल की तरफ से कक्षा में बच्चे को अनुपस्थित बताया गया। जबकि बस अटेंडेंस में उसकी उपस्थिति दर्ज थी। यह पता चलते ही परिवार स्कूल पहुंचा। बच्चे की तलाश शुरू कर दी गई। कई फोन कॉल करने के बाद मासूम के स्कूल से लगभग 25 किमी दूर एक सुनसान इलाके में खड़ी बस में होने की जानकारी मिली। अभिभावकों को बताया गया कि जिस बस से बच्चा सवार हुआ था वह खराब हो गई थी। बस सेक्टर-78 के मैदान में खड़ी कर दी गई थी। उसी बस में पसीने से लथपथ बच्चा मौजूद था।
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भीगे हुए थे कपड़े, रो-रोकर था बेहाल
परिजनों का मुताबिक बस में बंद मासूम के कपड़े भीगे हुए थे। रो-रोकर उसका बुरा हाल हो गया था। अभिभावक को देखते ही बच्चा उसने लिपट गया। पूरे घटनाक्रम के दो वीडियो वायरल हो गए हैं। एक वीडियो में पिता बेटे के साथ हुई घटना की निंदा करते दिख रहे हैं।
ऐसा किसी के साथ नहीं हो



सेक्टर-78 निवासी बच्चे की मां ने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में लिखे पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रोज की तरह उन्होंने अपने बेटे (यूकेजी-ए) को सुबह बस में बैठाया और उसे हाथ हिलाकर विदा किया। दोपहर में जब बस वापस आई तो बच्चा उसमें नहीं था। मां ने लिखा है कि यह हादसा खौफनाक है। ऐसा किसी के भी बच्चे के साथ नहीं होना चाहिए।
खाली करने से पहले बस की नहीं की जांच
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बस में बच्चा सोया रह गया और किसी ने यह जांचने की जरूरत नहीं समझी कि सभी बच्चे सुरक्षित उतर चुके हैं या नहीं। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। घटना स्कूल और ट्रांसपोर्ट विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।




मां का छलका दर्द, बोली सतर्क रहें अभिभावक

घटना से डरे परिजनों ने अन्य अभिभावकों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बस और कक्षा की उपस्थिति का मिलान रियल टाइम में किया जाना चाहिए। इसके अलावा हर बस की भौतिक जांच अनिवार्य की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों की बस और क्लास अटेंडेंस होनी चाहिए।
अधिकारी बोले, जांच के बाद होगी कार्रवाई



घटना की सूचना मिली है। ऐसे नामी स्कूल में ऐसी घटना होना बड़ी लापरवाही है। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार सिंह, डीआईओएस, गौतमबुद्ध नगर
स्कूल प्रबंधन बोला, पता चलते ही की कार्रवाई



वाहन बदलने के बाद छात्र बस में ही रह गया। जैसे ही हमें पता चला तुरंत कार्रवाई की गई। बच्चे को खोजकर सुरक्षित माता-पिता को सौंप दिया गया। उसे किसी प्रकार की चोट नहीं आई। हमारे लिए हर छात्र की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। घटना को गंभीरता से लिया गया है। परिवहन व्यवस्था की समीक्षा कर जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए जा रहे हैं।- रेणु सिंह, प्रधानाचार्य, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, नोएडा
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पुलिस बोली नहीं मिली शिकायत
इस मामले में परिजनों ने अभी पुलिस से शिकायत नहीं की है। पुलिस अपने स्तर से देख रही है। बच्चा ठीक है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।- मनीषा सिंह, एडीसीपी नोएडा
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