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Noida News: डीयू में दौड़ीं यू-स्पेशल बसें, अब मेट्रो के रियायती पास की बारी

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 ई-बसों को दिखाई हरी झंडी, दौलत राम कॉलेज तक किया सफर
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100 नई ई-बसें भी रवाना कीं

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को लंबे समय बाद फिर से यूनिवर्सिटी स्पेशल बसें (यू-स्पेशल) दौड़ती नजर आईं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर छात्रों से किए वादे को पूरा किया। वहीं, उन्होंने खुद भी दौलत राम कॉलेज तक बस में सफर किया जबकि ये उनके कार्यक्रम में शामिल नहीं था। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वादा किया कि बस के बाद अब दिल्ली सरकार छात्रों को मेट्रो के रियायती पास उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने डीयू खेल परिसर से 100 नई ई-बसों और 25 यू-स्पेशल बसें रवाना कीं। इस अवसर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार स्वच्छ और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यू-स्पेशल बसों की शुरुआत युवाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण हितैषी परिवहन का नया अध्याय है। कभी ये बसें छात्रों के लिए लाइफलाइन मानी जाती थीं। अब हमने इसे फिर से शुरू किया है। दिल्ली सरकार स्टार्टअप और सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्यम को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीतियां ला रही है ताकि युवाओं की नवाचार और रचनात्मकता समाज के विकास में अहम योगदान हो।
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खास बात यह है कि यू-स्पेशल बसें एसी, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और संगीत सिस्टम से लैस हैं। इन बसों से डीयू व आसपास के इलाकों के छात्रों को विशेष और भरोसेमंद कनेक्टिविटी मिलेगी। बसें उत्तरी परिसर, दक्षिणी परिसर, जेएनयू, आईआईटी दिल्ली और प्रमुख रिहायशी क्षेत्रों को जोड़ेंगी। बसों का शेड्यूल कॉलेजों के समय के हिसाब से तैयार किया गया है।

संगीत सुनते-सुनते सफर होगा पूरा

यू-स्पेशल बसों में छात्रों का सफर संगीत सुनते-सुनते पूरा होगा। दिल्ली परिवहन निगम ने पहली बार इस तरह की शुरुआत है। बसों में लाइव रेडियो चैनल है जो छात्रों के सफर को मजेदार और जीवंत बनाएगा। बस में मनोरंजन के साथ-साथ क्यूआर कोड और व्हाट्सएप से यात्रियों से जुड़ाव भी होगा। यह सरकारी संदेशों और सामाजिक अभियानों के लिए भी मंच का काम करेगा।

यू-स्पेशल बसों के रूट

नरेला से पटेल चेस्ट, नजफगढ़ से अरबिंदो कॉलेज, पूर्वांचल हॉस्टल से रामजस कॉलेज, रिठाला मेट्रो से अदिति कॉलेज और अन्य इलाकों तक बसें जाएंगी। ये बसें नॉर्थ और साउथ कैंपस के कॉलेजों को आपस में जोड़ने का काम करेंगी। साथ ही, दिल्ली यूनिवर्सिटी के 67 कॉलेजों व आसपास के इलाके और मेट्रो स्टेशनों को दिल्ली के कई महत्वपूर्ण स्थानों से भी जोडे़ंगी।

युवाओं को सार्वजनिक बसों से जोड़ने की कवायद

दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉ पंकज सिंह ने कहा कि डीटीसी की यू-स्पेशल बसों को दिल्ली के 25 से ज्यादा रूटों पर चलाया जाएगा। उन्होंने छात्रों से निजी वाहनों की जगह डीटीसी बसों का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डीटीसी युवाओं को सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग, निजी वाहनों पर निर्भरता कम व एक टिकाऊ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना चाहती है। इस अवसर पर सांसद मनोज सिन्हा, विधायक सूर्या प्रकाश खत्री, परिवहन आयुक्त निहारिका राय और डीटीसी के प्रबंध निदेशक प्रिंस धवन भी उपस्थित थे।

पुराने दिनों को याद किया

मुख्यमंत्री ने अपने दौर में चलने वाली यू-स्पेशल बसों की दास्तां सुनाते हुए कहा कि ये बसें यूनिवर्सिटी की लाइफलाइन हुआ करती थीं। इन बसों में आवागमन करने से दिनभर की चिंता दूर हो जाती थी। इन बसों की सीढि़यों पर बैठकर हवा खाते हुए सफर करने का मजा ही कुछ और था। उन्हें याद नहीं कि किन परिस्थितियों व किस सरकार के कार्यकाल में यू-स्पेशल बसें बंद हुईं। साल 1998 में जब उन्होंने विश्वविद्यालय छोड़ा था तब तक यू-स्पेशल बसें बंद हो चुकी थीं लेकिन आज इन्हें फिर से वापस लाया गया।

दौलतराम कॉलेज पहुंचीं सीएम

मुख्यमंत्री यू-स्पेशल बस में सवार होकर दौलत राम कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने इसी कॉलेज से पढ़ाई की है। बस में सवार होते ही संगीत बजने लगा और मुख्यमंत्री भी गुनगुनाने लगीं। कॉलेज गेट पर सीएम के स्वागत के लिए छात्राओं की भीड़ उमड़ पड़ी। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज मेरे लिए केवल दीवारों और क्लासरूम तक सीमित नहीं है बल्कि वह अहसास है जिसने मेरी सोच को आकार दिया। उन्होंने कहा कि ऊंचा सोचिए, ऊंचा करिए, न रुकिए और न हारिए। जिंदगी में न जाने कौन सी मंजिल आपका इंतजार कर रही है।
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दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की स्थिति

दिल्ली के पास इस समय देश में सबसे ज्यादा ई-बसें हैं। 2025 के मध्य तक दिल्ली में कुल 2,949 ई-बसें चल रही हैं जिनमें से 2,210 बसें डीटीसी के तहत और 739 बसें क्लस्टर योजना के तहत हैं।
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