बवाना औद्योगिक क्षेत्र में सिगरेट लाइटर को कबाड़ बनाने के लिए मशीन से तोड़ते समय हुआ हादसा
बची हुई गैस की वजह हुआ जोरदार धमाका, दो मजदूरों के परखच्चे उड़े
02 मजदूरों की हालत नाजुक, एलएनजेपी में भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बवाना औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार शाम प्लास्टिक दाना बनाने की फैक्टरी में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में दो मजदूरों के परखच्चे उड़ने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार मजदूर बुरी तरह झुलस गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां दो मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि सिगरेट लाइटर के कबाड़ से प्लास्टिक दाना बनाया जा रहा था। लाइटर में बची गैस की वजह से अचानक धमाका हो गया। मौके से साक्ष्य जुटाने के बाद फैक्टरी को सील कर दिया गया है। बवाना थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। मृतकों की शिनाख्त गांव नगरिया, सहावर, कासगंज, यूपी निवासी अशोक और हरवीर के रूप में हुई है। घायल मजदूरों की पहचान गांव आगरा इटोरा, आगरा निवासी संजीव (28), दिल्ली निवासी सोनू (40), उषा (40) और नगरिया, सहावर, कासगंज निवासी भानू के रूप में हुई है।
हादसा शाम करीब 4:44 बजे प्लॉट नंबर-58, ओ-ब्लॉक, सेक्टर-3 की फैक्टरी में हुआ। यहां करीब 100 गज की फैक्टरी में कबाड़ से प्लास्टिक दाना बनाया जाता है। फैक्टरी में बेसमेंट व भूतल के अलावा पहली मंजिल है। भूतल पर कबाड़ को तोड़ने के लिए मशीन लगी है। फिलहाल, फैक्टरी में सिगरेट जलाने वाले लाइटर का कबाड़ आया हुआ था। शाम के समय मशीन में लाइटर तोड़ने की प्रक्रिया जारी थी। उसी दौरान अचानक तेज धमाका हो गया। मशीन के पास मौजूद मजदूर धमाके की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही दमकल की छह गाड़ियां पहुंच गईं। अग्निशमन विभाग के अधिकारी संदीप दुग्गल ने बताया कि फैक्टरी में आग नहीं लगी थी। धमाके के कारण आग का गोला निकला था। घायलों को पीसीआर और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। अशोक और हरवीर को मृत घोषित कर दिया गया जबकि बाकी चारों का इलाज जारी है। घायलों में भानू और उषा की हालत बेहद नाजुक है।
खौफनाक था फैक्टरी का मंजर, चारों ओर बिखरा था खून
धमाका सुनकर लोग फैक्टरी पहुंचे तो अंदर का मंजर बेहद खौफनाक था। चारों ओर लाइटर बिखरे थे। उन पर खून पड़ा था। अंदर चार लोग अचेत पड़े थे जबकि दो लोग दर्द से चिल्ला रहे थे। पड़ोस की फैक्टरी के लोगों ने घायलों की मदद की। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई।
सड़क पर आकर गिरा फैक्टरी का भारी-भरकम गेट
धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्टरी के मुख्य द्वार पर लगा गेट उखड़कर करीब बीस फीट बाहर आकर गिरा। इसके अलावा अंदर मशीन के पास खड़े मजदूर भी 15 से 20 फीट दूर तक जा गिरे। पुलिस फैक्टरी के मालिक से पूछताछ कर ये पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फैक्टरी में लाइटर का कबाड़ कहां से आया था। क्या फैक्टरी मालिक को इसका पता नहीं था कि लाइटर में थोड़ी बहुत गैस बाकी रह जाती है, जिससे हादसा हो सकता था। इन सबका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।