- दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस के साथ मिलकर की कार्रवाई
- नजफगढ़ के सैलून में हुए दोहरे हत्याकांड का मुख्य गवाह था नीरज तेहलान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सीआईए गुरुग्राम पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए गोगी गैंग के दो शाॅर्प शूटर मोहित जाखड़ और जतिन राजपूत को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। आरोपी फरवरी 2024 में नजफगढ़ के सैलून में हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य गवाह नीरज तेहलान की हत्या में वांछित थे। दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो पिस्तौल, 4 कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवा ने नीरज तेहलान और संजीव उर्फ संजू दहिया के बीच दुश्मनी का सिलसिला नजफगढ़ निवासी नीटू तेहलान और आशीष सिंधु की गिरफ्तारी के साथ शुरू हुआ। नीरज को शक था कि संजू दहिया ने पुलिस को उनके ठिकाने की जानकारी दी है। इस कारण उसे गिरफ्तार किया गया। नीरज तेहलान 2023 में जेल से रिहा होने के बाद भी संजू दहिया को धमकियां देता रहा। नीरज तेहलान को खत्म करने के लिए संजू दहिया ने गोगी गैंग के सदस्यों से संपर्क बनाया। गोगी गैंग के सदस्य अलीपुर निवासी हर्ष उर्फ चिंटू जबरन वसूली के मामलों में जमानत पर रिहा हुआ। संजू दहिया ने हर्ष उर्फ चिंटू के साथ मिलकर नीरज तेहलान की हत्या की साजिश रची। यह दोनों नजफगढ़ इलाके में एक सैलून के अंदर 9 फरवरी, 24 को गए। यहां पर नीरज तेहलान, सोनू तेहलान और आशीष सिंधु के साथ मौजूद था। इन दोनों ने उन पर फायरिंग कर दी था। इससे सोनू तेहलान और आशीष सिंधु मारे गए, लेकिन नीरज तेहलान सैलून के ऑफिस केबिन में छिपकर भाग निकला।
नजफगढ़ पुलिस ने इस मामले में हर्ष उर्फ चिंटू को गिरफ्तार कर लिया था। उसे मेक्सिको से प्रत्यर्पित किया गया था। संजू दहिया अभी भी फरार है। उसके बाद भी संजू दहिया ने नीरज तेहलान की हत्या की साजिश बनाना जारी रखा, क्योंकि पीडि़त दोहरे हत्याकांड का मुख्य गवाह था। संजू दहिया ने साजिश में नीरज गुज्जर, मोहित जाखड़ और आदि को इसमें शामिल किया। जतिन राजपूत ने नीरज तेहलान की हत्या करने की साजिश रची और 4 जुलाई 25 को संजू दहिया के निर्देश पर आरोपी नीरज गुज्जर, मोहित जाखड़ और जतिन राजपूत ने नजफगढ़, दिल्ली में नीरज तेहलान की हत्या कर दी।
ऐसे गिरफ्तार किए गए
पुलिस टीम को गुरुग्राम में नीरज तेहलान की हत्या के मामले में वांछित शूटरों की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी। जांच में पता लगा कि आरोपी भगोड़े लोडेड हथियार लेकर सेक्टर 99, गुरुग्राम में 25 सितंबर को आएंगे। दिल्ली पुलिस ने सीआईए, गुरुग्राम के साथ जानकारी साझा की और 26 सितंबर की सुबह दोनों शूटरों को गांव धनकोट, सेक्टर 99, गुरुग्राम के पास एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर आते हुए घेर लिया। आरोपियों ने पुलिस पर गोलियां चला दीं। एक गोली हवलदानर नरपत को लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण वह बाल-बाल बच गए, जबकि दूसरी गोली एसआई विकास के हाथ में लगी। जबावी कार्रवाई में दोनों बदमाशों को गोली लगी है।