फर्नीचर पॉलिश कारीगर आशु हत्याकांड में शक के आधार पर पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस की सख्ती और दबिश से गांव के तीन परिवार घर पर ताला लगाकर फरार हो गए हैं। काफी लोगों के फोन नंबर भी बंद आ रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभावित ठिकानों पर पुलिस की दबिश जारी है। मृतक के फोन रिकॉर्ड को भी पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया है।
रविवार को आस मोहम्मद उर्फ आशु (20) पुत्र इसरार शाम का खाना खाकर फोन पर आए मैसेज के बाद घर से निकला था। वह रात भर घर नहीं लौटा था। सोमवार शाम खेत के पास खेल रहे बच्चों ने आशु उर्फ आस मोहम्मद का शव देखा था। शोर मचाने पर ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर मौजूद हुई थी। हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी।
पुलिस ने ग्रामीणों की मौजूदगी में घटनास्थल की जांच कर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपा गया। नम आंखों से परिवार ने शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया। रामपुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर-6 के सभासद अब्दुल वली ने बताया कि आस मोहम्मद मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता था।
इसरार कलियर मेटाडोर अड्डे के पास फल की रेहड़ी लगाता है। परिवार बहुत ही सज्जन और शांत स्वभाव का है। गांव में इस तरह की हुई वारदात से सभी को गहरा सदमा लगा है। उन्होंने बताया कि परिवार ने शक जताया है कि पुत्र की कॉल रिकॉर्ड और मैसेज डिटेल से हत्यारों के गिरेहबान तक पुलिस के हाथ पहुुंच सकते हैं। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने बताया कि कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामला बच्चों के विवाद या रंजिश में हुई हत्या की ओर इशारा कर रहा है। हत्याकांड के बाद जो लोग गांव से फरार है उनकी तलाश की जा रही है।