दयानतपुर गांव में पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में पशु चिकित्सक की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली चलने से चिकित्सक व उसका भाई घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए जेवर के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उनका उपचार जारी है। दोनों की हालत स्थिर है। दयानतपुर गांव के पशु चिकित्सक विजेंद्र ने कुछ वर्ष पूर्व मुआवजे के लालच में नंगला जहानू गांव में अपने दोस्त की जमीन में मकान बनाया था।
फिर यही रहना शुरू कर दिया। एयरपोर्ट के विस्तार के लिए चल रही विस्थापन की प्रक्रिया के तहत कुरैव के माजरा नंगला जहानू का विस्थापन प्रस्तावित है। गांव में परिसंपत्तियों के मूल्यांकन का काम पीडब्लूडी की टीम के द्वारा किया जा रहा है। पशु चिकित्सक ने पीडब्लूडी की टीम में अपना परिचित होने का हवाला देते हुये परिसंपत्तियों का मूल्यांकन बढ़वाने का लालच देकर और कर्ज के रूप में नंगला जहानू व कुरैव के दर्जनों ग्रामीणों से लाखों रूपये ऐंठे है।
परिसंपत्तियों का मूल्यांकन न बढ़ने पर ग्रामीणों ने अपने रुपये मांगने शुरू किए तो वह कुछ समय पहले अपने गांव दयानतपुर में आकर रहने लगा। बुधवार दोपहर को नंगला जहानू के अमजद तकादा करने के लिए दयानतपुर पहुंऐ थे। बातचीत के बाद हुई कहासुनी में विजेंद्र सिंह लाइसेंसी पिस्टल से गोली चल गई। गोली विजेंद्र के हाथ में लगकर पास में खड़े उसके भाई सोनू के पेट में घुस गई।
विजेंद्र के बाएं बाथ की उंगली में गोली लगी है। तुरंत दोनों को उपचार के लिए उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। घायल उपचाराधीन है दोनों की हालत खतरे से बाहर है। वहीं कोतवाली प्रभारी ने बताया कि विजेंद्र की लाइसेंसी रिवॉल्वर से चली गोली से दोनों भाई घायल हुए हैं। दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।