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Noida News: मिस्बाह हत्याकांड में गैंगस्टर छेनू गिरोह के दो गुर्गे गिरफ्तार...

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-मेरठ, यूपी के लिए उपयोगी।
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यमुनापार में गैंगवार की आहट...
-स्पेशल सेल ने प्रिंस गाजी को दिल्ली के शास्त्री नगर से दबोचा
-दूसरे आरोपी को सीलमपुर पुलिस ने मेरठ से किया गिरफ्तार
-.30 की आधुनिक पिस्टल हुई बरामद, आरोपियों से पूछताछ जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में बृहस्पतिवार रात गैंगस्टर हाशिम बाबा गिरोह के गुर्गे व शूटर मिस्बाह (22) की गोलियों से भूनकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने गैंगस्टर छेनू गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान प्रिंस गाजी (26) और अब्दुल्लाह (23) के रूप में हुई है।
सीलमपुर इलाके में मिस्बाह हत्याकांड के बाद पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए थे। आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रिंस गाजी को शास्त्री नगर इलाके से गिरफ्तार किया। सूचना मिलने के बाद सीलमपुर थाना पुलिस ने अब्दुल्लाह को मेरठ से गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने आरोपी अब्दुल्लाह के पास से .30 की आधुनिक पिस्टल व दो कारतूस बरामद किए हैं। दरअसल मिस्बाह पहले छेनू गिरोह से जुड़ा हुआ था। कुछ ही दिनों पूर्व उसने हाशिम बाबा का गिरोह ज्वाइन कर लिया था। इस बात से छेनू नाराज था। सूत्रों का दावा है कि जेल से उसके इशारे पर ही मिस्बाह की हत्या हुई है।
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अब मिस्बाह हत्याकांड के बाद जिला पुलिस की नींद उड़ गई है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि मिस्बाह हत्याकांड के बाद हाशिम बाबा की ओर से भी इसका बदला लेने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे में यमुनापार में गैंगवार की घटनाएं बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस सारे हालात पर बेहद बारीकी से नजर रखे हुए है। मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात को मिस्बाह एक शादी समारोह से अपने दोस्तों के साथ वापस लौट रहा था। इस बीच आरोपियों ने उसे घेरकर उस पर 20 से ज्यादा राउंड गोलियां चलाई। 12 गोलियां मिस्बाह को लगीं। उसको नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जेल से इरफान उर्फ छेनू ने भाई रिजवान को दिया आदेश...

अब्दुल्लाह छेनू का रिश्तेदार है। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिस्बाह भी पहले छेनू गिरोह का सदस्य था। कुछ दिनों पूर्व हाशिम बाबा ने उसे अपने गैंग से जोड़ लिया था। मिस्बाह की हत्या करने वाले गाजी और अब्दुल्लाह भी उसके बचपन के दोस्त हैं। मिस्बाह के बाबा के साथ जाने से वह भी खफा थे। मिस्बाह के पाला बदलने के कारण छेनू ने अपने भाई रिजवान से मिस्बाह को खत्म करने के लिए कहा। जेल से इशारा मिलते ही रिजवान ने मिस्बाह की घेराबंदी करना शुरू कर दी। रिजवान के कहने पर ही प्रिंस गाजी और अब्दुल्लाह ने मिस्बाह की हत्या की। सूत्राें का कहना है कि मिस्बाह की हत्या के बाद से रिजवान अंडरग्राउंड है।

रिजवान संभाल रहा गैंग की कमान
मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि छेनू के जेल में बंद होने के बाद रिजवान ने ही गैंग की कमान संभाली हुई है। रिजवान पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। रिजवान के कहने पर ही छेनू ने प्रिंस गाजी को अपने गिरोह में शामिल किया है। हालांकि यह भी पता चला है कि अब्दुल्लाह और मिस्बाह के बीच किसी बात पर ठनी हुई थी।

यमुनापार में अब गैंगवार की आशंका...

यमुनापार में हाशिम बाबा और छेनू गिरोह के बीच चल रही गैंगवार में दोनों ओर से कई लोग मारे जा चुके हैं। छेनू गैंग के कमजोर पड़ने के बाद दोनों गैंग में समझौता हो गया था। लंबे समय से दोनों गैंग के बीच कोई बड़ी घटना देखने को नहीं मिली थी, लेकिन हाशिम बाबा के खास मिस्बाह की हत्या ने इलाके में गैंगवार की घटनाओं को फिर से हवा दे दी है। पुलिस इस घटना के बाद सक्रिय हो गई है। बदमाशों की गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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सीलमपुर पुलिस ने सूचना मिलने के बाद मिस्बाह हत्याकांड में अब्दुल्लाह को गिरफ्तार किया है, इसके पास से एक पिस्टल व दो कारतूस बरामद किए हैं। हत्या की वजहों पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
आशीष मिश्रा, उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त
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