संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग को वीरवार को दो बच्चे व दो युवक डेंगू से पीड़ित मिले हैं। इससे इस साल मिले डेंगू मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 48 पर पहुंच गया है, जिसमें सबसे ज्यादा मामले अक्तूबर के हैं। अक्तूबर में 17 डेंगू मरीज मिले हैं। लगातार बढ़ रहे मामले देख स्वास्थ्य विभाग सतर्क हैं।
टीमें नए मरीज मिलने पर उनके परिवार व पड़ोसियों के नमूने लेने के साथ आसपास के क्षेत्र में मच्छर भगाने की गतिवधियां करने के अलावा लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचाव के उपाय भी सुझा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में वीरवार को डेंगू के जो चार नए मरीज आए, उनमें सरस्वतीनगर के गांव भम्भोली से 36 वर्षीय युवक, रादौर के गांव काबुलपुर से 23 वर्षीय युवक, कैंप के वीनानगर से छह वर्षीय बच्चा, जगाधरी की मनोहर कॉलोनी से दो वर्षीय बच्ची शामिल हैं।
इन चारों के बुखार होने पर सेंपल लिए गए थे, जिनकी लैब से सेंपल रिपोर्ट आने पर चारों को डेंगू होने की पुष्टि हुई। बुधवार को भी स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के दो केस मिले थे। इनमें एक जम्मू कॉलोनी में आठ वर्षीय बच्चा व जगाधरी के रूपनगर में 24 वर्षीय युवती शामिल थे। इस तरह दो दिन में डेंगू के चार नए मामले मिल चुके हैं, जिनमें चार बच्चे हैं।
डेंगू के लक्षण
डेंगू के मरीज को सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डी या जोड़ों में दर्द, उल्टी आना, पेट की खराबी, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द और त्वचा पर चकत्ते या लाल रंग के दाने निकलते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच करानी चाहिए।
ऐसे करें बचाव
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने कहा कि जागरूकता व सतर्कता ही डेंगू से बचाव है। इससे बचाव के लिए फुल बाजू के कपड़े पहनें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। रोजाना तीन लीटर से ज्यादा पानी पीएं। घर में गमले, कूलर व बर्तन में पानी जमा न होने दें। धारीदार मच्छर शरीर पर बैठे तो तत्काल सतर्क हो जाएं। पानी जमा मिले तो मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें। कहीं भी पानी न भरने दें। गमलों व फ्रिज की वाटर ट्रे को भी सप्ताह में एक बार जरूर साफ करें।