खाली हुए 90 फीसदी फ्लैट
एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के 1,396 फ्लैटों में रह रहे करीब 7000 लोगों में से 90 प्रतिशत ने शनिवार शाम घर खाली कर कहीं और चले गए। बाकी लोग रविवार सुबह सात बजे तक सोसाइटी खाली कर देंगे। ये सभी रविवार शाम पांच बजे क्लीयरेंस मिलने पर अपने घरों में लौट पाएंगे।
निषेध क्षेत्र में होंगे केवल छह लोग
ब्लास्ट साइट के आस-पास के 500 मीटर इलाके को निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां केवल छह लोग ब्लास्ट साइट से 100 मीटर की दूरी पर रहेंगे। इनमें तीन दक्षिण अफ्रीकी ब्रिंकमैन, मार्टिंस, केविन स्मिथ शामिल हैं। इनके अलावा साइट इंचार्ज मयूर मेहता, इंडियन ब्लास्टर चेतन दत्ता और एक पुलिस अधिकारी वहां होंगे।
एक्सप्रेस-वे एक घंटे के लिए बंद
ब्लास्ट साइट की पांच सड़कें सुबह सात बजे से पूरे दिन के लिए बंद रहेंगी जबकि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे को दोपहर 2 से 3 बजे तक बंद किया जाएगा। इसके अलावा ट्विन टावर के आसपास के एरिया को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।
केरल में 2020 में गिराई गई थी 19 मंजिला इमारतें
देश में बहुमंजिला इमारतें पहले भी गिराई गईं हैं। केरल के कोच्चि के मरादू में नियमों का उल्लंघन कर समुद्र किनारे बनाई गई 19 और 32 मंजिली दो इमारतों को सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश पर 11 जनवरी 2020 को नियंत्रित विस्फोट के जरिये ढहा दिया गया था।
बिल्डर प्राधिकरण सांठगांठ
ट्विन टॉवरों के निर्माण में अपार्टमेंट कानून के जमकर उल्लंघन के आरोप साबित होने पर 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने टॉवरों को 30 नवंबर, 2021 तक गिराने और खरीदारों को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ पैसे लौटाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने प्राधिकरण के अधिकारियों और बिल्डरों के बीच सांठगांठ की बात करते हुए जांच कराने को भी कहा था।
इसके बाद यूपी सरकार ने एसआईटी का गठन कर 24 तत्कालीन अधिकारियों, बिल्डर प्रबंधन के चार सदस्यों व दो वास्तुविदों के खिलाफ जांच के आदेश दिए। इनके खिलाफ प्राधिकरण ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। इससे पहले 2014 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी ट्विन टॉवर को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में बिल्डर सुप्रीम कोर्ट चला गया और मामला लटक गया।