सेक्टर-93 स्थित सुपरटेक ट्विन टॉवर में दीवार तोड़ता कर्मचारी।
नोएडा। सेक्टर-93ए सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट ट्विन टावर को गिराने के लिए करीब 3400 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल होगा। इससे पहले विशेषज्ञों ने 2500 किलो विस्फोटक के प्रयोग किए जाने का अनुमान लगाया था। बीते 10 अप्रैल को टेस्ट ब्लास्ट की रिपोर्ट के बाद विस्फोटक की मात्रा बढ़ाने का फैसला लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक टेस्ट ब्लास्ट के बाद इमारत की मजबूती की बात पता चली। ब्लास्टिंग एजेंसी जेट डिमोलशन की ओर से दिए गए जारी बयान में बताया गया था कि इमारत काफी मजबूत है। एजेंसी ने बताया कि इमारत गिराना उतना आसान नहीं है जितना इसे समझा जा रहा था। रिपोर्ट में साफ किया गया है कि इसे गिराने के लिए काफी सावधानी की जरूरत है क्योंकि आसपास काफी इमारतें हैं।
पिलर पर लोहे की जाली से चार लेयर की घेराबंदी
सूत्रों की मानें तो पिलर को लोहे की जाली से घेराबंदी की जा रही है। शुरुआती चरण में लोहे की जाली के एक लेयर पिलर की घेराबंदी की योजना थी। लेकिन लोहे की जाली के चार लेयर लगाए जाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि इससे ब्लास्ट के दौरान मलबा आसपास नहीं बिखरेगा।
जिओ टेक्सटाइल की भी चार से ज्यादा लेयर होंगी
बताया जा रहा है कि पिलर और आसपास जिओ टेक्सटाइल की चार से पांच लेयर में घेराबंदी की जा रही है। इससे पहले इसे भी जिओ टेक्सटाइल की एक लेयर में घेराबंदी की योजना थी। लेकिन अब जब ज्यादा विस्फोटक लगाने की योजना है तो इस मामले में चार से पांच लेयर जिओ टेक्सटाइल लगाकर आसपास को सुरक्षित रखने की योजना है।
गिरा दी बाहरी दीवारें
सूत्रों का कहना है कि ट्विन टावर की बाहरी दीवारें पूरी तरह से तोड़ दी गई हैं। अब भीतरी दीवारें तोड़ी जा रही हैं। इसके अलावा शेयर वाल को तीन-तीन मीटर के कॉलम में तब्दील किया जा रहा है।