ट्विन टावर को ध्वस्त करने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 25 अगस्त को होने वाले फुल रिहर्सल व 28 को होने के वाले अंतिम ब्लास्ट के दिन छह घंटे नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे बंद रहेगा। तय समय से तीन घंटे पहले व तीन घंटे बाद तक एक्सप्रेसवे के करीब 15 किमी लंबे दायरे में आवागमन पर रोक लगा दी जाएगी।
मुख्य मार्ग के अलावा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ की सर्विस रोड व उससे जुड़ी अंदरूनी सड़कों पर भी वाहन चलाने पर रोक होगी। 6 घंटे वाहनों के आवागमन के लिए डायवर्जन प्लान तैयार कर लिया गया है।
दरअसल, जिस ट्विन टावर को विस्फोटक लगाकर गिराया जाना है। यह एक्सप्रेसवे से चंद कदम की दूरी पर स्थित हैं। सुरक्षा कारणों से इसके आसपास की अंदरूनी सड़कों के अलावा दोनों तरफ से फरीदाबाद फ्लाईओवर समेत नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को दोनों तरफ से नोएडा ट्रैफिक विभाग ने बंद करने का फैसला किया है। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। इसे अंतिम रूप देना बाकी है।
ग्रेटर नोएडा की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को महामाया फ्लाईओवर के पास से सेक्टर-37, शशि चौक, सिटी सेंटर, सेक्टर-71 होकर फेज दो की तरफ निकाला जाएगा। इसी तरह से परी चौक की तरफ से आने वाले ट्रैफिक को जेपी अस्पताल से पहले लेफ्ट टर्न लेकर बांध मार्ग पर डायवर्ट किया जाएगा।
इस तरह रहेगा डायवर्जन
- एनएसइजेड से एल्डिको चौक व सेक्टर-108 जाने के लिए एल्डिको चौक से पंचशील अंडरपास की ओर जाना होगा।
- एनएसइजेड, सेक्टर-83 से सेक्टर-92 चौक और श्रमिक कुंज जाने के लिए एल्डिको चौक से पंचशील अंडरपास की तरफ जाना होगा।
- सेक्टर-93 श्रमिक कुंज चौक से सेक्टर-82 जाने के लिए श्रमिक कुंज चौक से गेझा तिराहा की ओर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा।
- सेक्टर-105 हाजीपुर, सेक्टर-108 से एल्डिको चौक होकर सेक्टर-83, फेज-2 एनएसइजेड जाने वालों को सेक्टर-105 और108 चौक से गेझा तिराहा या नोएडा एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा।
- सेक्टर-82 श्रमिक कुंज से फरीदाबाद फ्लाईओवर का उपयोग कर सेक्टर-132 जाने वाले वाहनों को श्रमिक कुंज चौक से सेक्टर-108 की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
फायर एनओसी जारी करने वाले तीन सीएफओ पर एफआईआर
सुपरटेक-एमरॉल्ड कोर्ट के निर्माण के दौरान हुए फर्जीवाड़े मामले में हाउसिंग भूखंड पर बने अवैध टॉवरों को एनओसी देने वाले तीन तत्कालीन मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। तीनों सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कोतवाली फेज-टू में तत्कालीन मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह, राजपाल त्यागी और आईएस सोनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
डीआईजी फायर सर्विस की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। अब मामले की जांच नोएडा पुलिस कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक लिमिटेड को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंड पर बने अवैध टावर संख्या टी-16 तथा टी-17 को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं।