नोएडा। सेक्टर-93ए सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर को पूरी तरह से काले रंग के जिओ टेक्सटाइल फाइबर से ढका जाएगा। इसका काम शुक्रवार से शुरू हो गया। मलबे को आसपास बिखरने से बचाने के लिए इस तरह के उपाय किए जा रहे हैं। ट्विन टावर 21 अगस्त को धराशायी किए जाएंगे।
ट्विन टावर के ब्लास्ट के लिए इमारत के पिलर में करीब 10 हजार छेद किए गए हैं। इसके अलावा ज्वाइंट को तोड़ा गया है। प्रत्येक पिलर को सफेद रंग के जिओ फाइबर टेक्सटाइल से कम से कम चार बार लपेटा गया है। इसके अलावा पिलर को लोहे की जाली से घेरा गया है। यह सब कुछ इसलिए किया जा रहा है कि ब्लास्ट के दौरान मलबा आसपास की इमारतों तक न जाए।
संरचनात्मक ऑडिट के लिए कवायद
ट्विन टावर के 50 मीटर के दायरे में आने वाली इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट भी करना होगा। इसमें करीब आठ टावर आ रहे हैं, जो एमराल्ड कोर्ट और एटीएस के हैं। इनके निवासियों की ओर से चिंता जाहिर की गई थी कि अंतिम ब्लास्ट के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास की इमारतों की मजबूती की जांच कर ली जाए। इस बाबत सीईओ ने एजेंसी से संरचनात्मक ऑडिट की मांग की गई है।
विस्फोटक के इस्तेमाल के लिए बैठक
बिल्डर और एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से पुलिस विभाग में विस्फोटक के इस्तेमाल के लिए बैठक हुई। इसमें बताया गया कि ट्विन टावर के अंतिम ब्लास्ट के लिए कितने विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा के लिए क्या एहतियात बरती जाएगी। इस बाबत पुलिस विभाग के आला अधिकारियों से भी चर्चा हुई।