आर्थिक तंगी से परेशान कारोबारी ने दी जान
- मिंडा कंपनी में नौकरी करता था, सूरजपुर की एक फैक्टरी में थी साझेदारी
- परिचित को आठ फीसदी ब्याज पर दिलाई मोटी रकम बनी गले का फांस
-पैसे वाले बना रहे थे दबाव, कारोबारी ने मानसिक दबाव न झेल पाने पर उठाया कदम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आर्थिक तंगी से परेशान होकर ग्रेनाे वेस्ट के सूर्या हाइट्स सोसाइटी निवासी कारोबारी कर्मवीर (40) ने बृहस्पतिवार को खुदकुशी कर ली। मौके से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। कर्मवीर ने गाजियाबाद में ब्याज का काम करने वाले लोगों से अपने परिचित को आठ फीसदी ब्याज पर मोटी रकम दिलाई थी। परिचित के रुपये नहीं देने पर कर्मवीर को अपने पास से ब्याज देना पड़ रहा था। वहीं, सूरजपुर में बोतल के ढक्कन बनाने वाली फैक्टरी में घाटा होने पर उसके दो साझेदार कारोबार के लिए रुपये की मांग कर रहे थे।
मूलरूप से बिहार के समस्तीपुर निवासी कर्मवीर गुरुग्राम स्थित मिंडा फैक्टरी में नौकरी करते थे। कर्मवीर की सूरजपुर में बोतल के ढक्कन बनाने वाली फैक्टरी में भी साझेदारी थी। मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि फैक्टरी में कर्मवीर के दो साथियों ने पैसे लगाए थे। नुकसान होने और जरूरत की वजह से वह कर्मवीर से भी निवेश करने के लिए कह रहे थे। इसके अलावा उसने अपने एक परिचित को आठ फीसदी ब्याज पर जो रुपया दिलाया था। वह न रुपया लौटा रहा था और न ही ब्याज दे रहा था। जबकि बिचौलिया होने के कारण सूदखोर कर्मवीर पर ही दबाव बना रहे थे। इसके चलते कर्मवीर को आठ फीसदी ब्याज भी भरना पड़ रहा था। इससे परेशान होकर कर्मवीर ने खुदकुशी कर जान गंवा दी। पुलिस के अलावा फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। बिसरख कोतवाली प्रभारी अनिल राजपूत ने बताया कि बृहस्पतिवार रात कर्मवीर के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अभी इस मामले में परिजन की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सब भाई-बहन साथ रहें यही इच्छा है...
कारोबारी ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसके परिवार और पांच दोस्तों को सब पता है। उसने अपना सबकुछ बच्चों को देने की बात लिखी है। जिससे उनकी पढ़ाई पूरी हो सके। कर्मवीर ने लिखा है कि उसने हर बार गलत काम चुना, जिससे पैसे का नुकसान हुआ। मेरा काम नहीं चला, इसका जिम्मेदार मैं हूं। मेरी बस एक ही इच्छा है आदित्य, जाह्नवी, उत्कर्ष समेत सब भाई-बहन एकसाथ रहें।