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देश की पहली महिला शहीद को आज दी जाएगी श्रद्धांजलि

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शहीद किरण शेखावत - फोटो : Mewat
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अंतराम खटाना
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नूंह। बेटियों को एक मौका चाहिए फिर वो हर मैदान में आपके साथ खड़ी होंगी। इस बात का उदाहरण भारत की लाखों बेटियों ने हमारे सामने रखा है। समय-समय पर इन्होंने बताया है कि इन्हें अगर बांधा ना जाए तो इनकी उड़ान के लिए आसमान भी छोटा पड़ जाएगा। लेफ्टिनेंट किरण शेखावत की शहादत भी एक ऐसी उपलब्धि है, जो मौत को भी अमर कर देती है। किरण शेखावत राजस्थान की बहादुर बेटी होने के साथ ही नूंह खंड के गांव कुर्थला की जांबाज बहू भी थी, जिन्होंने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया था। 24 मार्च 2015 की रात को गोवा में डॉर्नियर निगरानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में ले. किरण शेखावत शहीद हो गईं। किरण शेखावत देश में ऑन ड्यूटी शहीद होने वाली पहली महिला अधिकारी थीं। किरण के ससुर श्रीचंद सरपंच ने बताया कि इस वर्ष भी बुधवार को गांव कुर्थला में शहीद लेफ्टिनेंट किरण शेखावत की प्रतिमा पर माल्यार्पण उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के काफी लोग हिस्सा लेंगे। वहीं, परिजनों और गणमान्य लोगों में रोष है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा रहा है।
किरण शेखावत ने वर्ष 2010 में भारतीय नौसेना ज्वाइन की थी। इसके बाद उनकी शादी गांव कुर्थला निवासी विवेक छोकर के साथ 5 फरवरी 2013 को हो गई। विवेक छोकर भी भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट हैं। किरण के ससुर श्रीचंद और पिता विजेन्द्र सिंह शेखावत भी भारतीय नौसेना में अधिकारी रह चुके हैं। वहीं, किरण की सास सुनीता देवी गांव की सरपंच रह चुकी हैं। इसके अलावा किरण की जेठानी राजश्री कोस्टगार्ड की पहली महिला पायलट हैं। किरण शेखावत ने शहादत से दो माह पहले 26 जनवरी 2015 के गणतंत्र दिवस समारोह में महिला नौसेना टुकड़ी का नेतृत्व भी किया था। किरण शेखावत को सबसे अधिक 750 सफल उड़ानों का गौरव भी प्राप्त है, जोकि नौसेना में अब तक रिकॉर्ड है। अपने समर्पण व प्रतिबद्धता के लिए नौसेना में उन्हें आयरन लेडी के नाम से जाना जाता है। (संवाद)
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सीएम और शिक्षामंत्री ने की थी महिला कॉलेज बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने गांव कुर्थला में 10 अप्रैल 2015 को शहीद किरण शेखावत के घर पहुंचकर महिला कॉलेज बनाने की घोषणा की थी। लेकिन, वर्षों बाद भी महिला कॉलेज नहीं बना है। हालांकि, हाल ही में नूंह विधायक आफताब अहमद ने विधानसभा में शहीद किरण शेखावत के नाम पर महिला कॉलेज की मांग को जोरशोर से उठाया था। इस पर सूबे के शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने नूंह के सालाहेड़ी कॉलेज का नाम शहीद किरण शेखावत के नाम करने की कही था। विधायक आफताब अहमद ने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस की परियोजनाओं का ही नामकरण कर रही है।
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सीएम से मांगें पूरी करने की मांग
जगन पार्षद खेड़ली दोसा, कमल सरपंच इंडरी, प्रवीन चेयरमैन इंडरी, गजराज लोहिया ऊदाका, राजपाल पूर्व सरपंच कुर्थला, सूरत पूर्व सरपंच, कंवर जयपाल कुर्थला, जयनारायण, मलखान, बिधू पूर्व सरपंच, राजेंद्र पूर्व सरपंच, सुखीराम चेयरमैन आलदौका, अशरफ सरपंच घासेड़ा, अब्दुल पूर्व सरपंच गोलपुरी, सुरेंद्र राजावत बजहेड़ा, कुशलपाल बिघावली के अलावा शहीद किरण के ससुर श्रीचंद ने कहा कि मुख्यमंत्री को शहीद का सम्मान रखते हुए जल्द हमारी मांगें पूरी करनी चाहिए।
फोटो : गांव कुर्थला में बनी शहीद किरण सिंह शेखावत की प्रतिमा।
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