इस दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों ने पूरी गर्मजोशी से विमान के पायलट व क्रू मेंबर का अभिवादन किया। केंद्रीय मंत्री किंजारापु राम मोहन नायडू सहित अन्य अतिथियों ने छह नारियल फोड़ा और हाथ जोड़कर पूजा की।
दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरकर नोएडा एयरपोर्ट के रनवे तक पहुंचने में इंडिगो के विमान ने हवाई अड्डे की नेविगेशनल सहायता और हवाई यातायात नियंत्रण प्रणालियों की सटीकता और कार्यक्षमता की पुष्टि की। सफल लैंडिंग और टेकऑफ के बाद नोएडा एयरपोर्ट लिमिटेड हवाई अड्डा प्रमाणन के लिए आवश्यक दस्तावेज को अंतिम रूप देकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को सौंपेगा। दोपहर 1:25 बजे क्रू मेंबर के साथ इंडिगो का विमान नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर पहली लैंड किया और करीब सवा घंटे बाद 2:43 बजे रनवे पर दौड़ लगाकर टेक ऑफ किया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी। रेकार्ड तीन वर्ष दो महीने और 11 दिन में यह उपलब्धि हासिल हुई है।
नोएडा एयरपोर्ट के एयरस्पेस और रूट पर भी मुहर
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वैलिडेशन (सत्यापन) उड़ानों के साथ ही नोएडा एयरपोर्ट के हवाई रूट पर भी मुहर लग गई। दिल्ली एयरपोर्ट से नोएडा एयरपोर्ट का एयर स्पेस 10 मिनट की दूरी पर तैयार किया गया है। इससे दोनों एयरपोर्ट की एक दूसरे पर निर्भरता नहीं होगी और दोनों हवाई अड्डे से विमान सेवाएं अपने-अपने मार्ग यात्रा करेंगी। एयरपोर्ट के हवाई रूट तय होने के साथ ही विमानन कंपनियां अपनी सेवाओं के लिए रूट का निर्धारण करेंगी।
यात्री सेवाओं के साथ ही बनेगा बड़ा कार्गो- नायडू
एयरपोर्ट पर सफल लैंडिंग के बाद केंद्रीय उड्यन मंत्री किंजारापु राम मोहन नायडू ने कहा कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा से जुड़े सभी ट्रायल पूरे हो चुके हैं। पहली लैंडिंग के साथ ही जेवर एयरपोर्ट व्यावसायिक सेवाओं के लिए तैयार है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने तमाम सुरक्षा जांच के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले विमान की लैंडिंग की अनुमति दी थी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां हैं, लेकिन पहले यह विकास के मामले में काफी पिछड़ा हुआ करता था। जेवर एयरपोर्ट के आने से यह एक अग्रणी और आर्थिक विकास केंद्र के रूप में जाना जाने लगा है। यह एयरपोर्ट न सिर्फ यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह उतारेगा, बल्कि व्यापार के लिए एक बड़ा कार्गो हब भी होगा और रोजगार पैदा होंगे। यहां से एयरो सेक्टर से जुड़ी कई मल्टीपल इंडस्ट्रीज बढ़ेंगी और यह भविष्य में रोजगार सृजन का नया स्तंभ होगा।
सामान्य से काफी लंबा है एयरपोर्ट का रनवे
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे सामान्य रनवे के मुकाबले काफी लंबे हैं। पहला रनवे 3900 मीटर लंबा हैं, जबकि दूसरे एयरपोर्ट पर रनवे की अधिकतम लंबाई दो हजार मीटर से 2500 मीटर तक ही होती है। लंबे रनवे होने के कारण यहां पर किसी भी प्रकार के विमान की लैंडिंग व टेकऑफ में दिक्कत नहीं होगी। यहां तक की भविष्य में तैयार होने वाले आधुनिक विमानों को भी रनवे पर लैंड व टेकऑफ किया जा सकेगा।
नोएडा एयरपोर्ट एक नजर में
- 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी आधारशिला
- 1334 हेक्टेयर में विकसित किया जा रहा पहला चरण
- 12 लाख यात्री प्रत्येक साल उड़ान भर सकेंग
- एक लाख फ्लाइट का आवागमन हर साल हो सकेगा
- ढाई लाख टन कार्गो यहां से आ-जा सकेगा
- एक लाख वर्गमीटर में टर्मिनल बिल्डिंग बनाई जा रही
- 28 स्टैंड बनेंगे एयरक्राफ्ट के लिए,
- 40 एकड़ में एमआरओ हब बनेगा
- 3900 मीटर लंबा रनवे बनकर तैयार