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ग्रेटर नोएडा। जीबीयू के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में 20 से 24 अप्रैल तक बायोमैन्युफैक्चरिंग में ओमिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण पर प्रशिक्षण दिया गया। डीन (एकेडमिक्स) प्रो. राजीव वार्ष्णेय ने उद्योगों के संदर्भ में बायोमैन्युफैक्चरिंग में ओमिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व को रेखांकित किया। स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला की संयोजक डॉ. रेखा पुरिया ने आधुनिक विज्ञान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका तथा ओमिक्स प्रौद्योगिकियों के माध्यम से जैव-उत्पादों के आर्थिक एवं प्रभावी उत्पादन की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किए। इस मौके पर प्रो. नसीम ए. गौर व अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो