- यूपीआईटीएस: उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश के हर जिले में 100 एकड़ में विकसित होंगे इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन
- आईटी और सेमीकंडक्टर के लिए भी हब बन रहा प्रदेश, आईटी को दिया इंडस्ट्री का दर्जा
नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। प्रदेश के हर जिले में इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित होंगे। करीब 100 एकड़ में बनाए जाने वाले इस विशेष क्षेत्र में युवा उद्यमियों और रोजगार की तलाश में जुटे युवाओं को स्किल डेवलपमेंट समेत अन्य प्रशिक्षण दिए जाएंगे। उनको रोजगार के साथ उद्यम स्थापित करने में मदद मिलेगी। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर योजना शुरू की जाएगी। बृहस्पतिवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि विशेष जोन में स्वरोजगार से जुड़े सभी विभागों के कार्यालयों के अलावा श्रम व सेवायोजन विभाग के कार्यालय भी होंगे। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 साल पहले कहा था कि भारत के युवा को जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बनना होगा। आज देश का युवा जॉब क्रिएटर बन रहा है। पीएम स्टार्टअप, पीएम स्टैंडअप योजना, पीएम इंटर्नशिप समेत अनेक योजनाओं से युवाओं को खासी मदद मिली है। वहीं यूपी में सीएम युवा उद्यमी योजना से युवाओं को नया उद्यमी बनने की तरफ कदम उठाया है। सीएम ने मंच से आईटी सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा दिए जाने की भी घोषणा की। कहा कि आज यूपी आईटी व सेमीकंडक्टर का ग्लोबल हब बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीआईटीएस एक विशेष अवसर है। यह केवल व्यापार प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के स्वदेशी मॉडल व प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड के विजन का एक स्वरूप भी है। जीएसटी पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 22 सितंबर से लागू नए जीएसटी स्लैब ने पिछले चार दिनों के अंदर अहसास कराया है कि मार्केट में जान आई है। गरीब, किसान, श्रमिक और व्यापारी को नया जीवनदान मिला है। यूपी के ओडीओपी सेक्टर के उद्यमियों को भी इससे बड़ी राहत मिली है।
75 नए उत्पाद को मिलेगा जीआई टैग
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 77 जीआई उत्पाद है। जिससे प्रदेश देश की जीआई कैपिटल बना है। इनमें से 60 उत्पादों का प्रदर्शन ट्रेड शो में किया गया है। 75 अन्य उत्पादों को भी जीआई टैग दिलाया जा रहा है। इससे सरकार हजारों वर्षों पुरानी विरासत को धरोहर के रूप में सजाने, संवारने और संरक्षण करने का काम कर रही है।
जमीन पर उतरेंगे 5 लाख करोड़ के प्रस्ताव
सीएम ने कहा कि फरवरी 2023 में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ था। जहां 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले थे। इनमें से 12 लाख करोड़ से ऊपर के प्रस्ताव जमीनी धरातल पर उतर चुके हैं। इनमें से कई औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो गया है। इन्हीं प्रस्ताव में से पांच लाख करोड़ के प्रस्ताव की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी नवंबर 2025 में होगी। इसकी तैयारी चल रही है। ओडीओपी व पीएम विश्वकर्मा योजना के सफल होने के बाद अब यूपी में व्यापक रूप से एक लैंड बैंक तैयार किया गया है। निजी सहयोग से इंडस्ट्रियल पार्क बन रहे हैं। अब तक ऐसे 11 प्लेज पार्क बन चुके है।