नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर लोकल सवारियां बैठाने वाली 98 बसों का परमिट जल्द रद्द होगा। डीएम ने इन बसों की सूची बनाकर परिवहन आयुक्त को भेज दी है। ये बसें लोकल सवारियों को उतारते और बैठाते समय पकड़ी गई थीं।
जिलाधिकारी बी एन सिंह ने पत्र में कहा है कि परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर टूरिस्ट परमिट के तहत बसों का संचालन कर फुटकर सवारियां उतारना और चढ़ाना नियम के विरुद्ध है। इनके संचालन से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को राजस्व की हानी होती है। कई स्थानों पर सवारियों को उतारने और चढ़ाने के लिए अवैध बस स्टैंड बना दिए गए हैं। इससे हादसे भी हो रहे हैं।
नगर मजिस्ट्रेट, पुलिस और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधन रोडवेज ने 98 बसों का चालान किया। इनके परमिट के निरस्तीकरण के लिए उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त धीरज साहु को पत्र भेजा है। जिन बसों को चिंह्नित किया गया है, उनमें प्रयागराज, मुरादाबाद, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा की बसें शामिल हैं। इससे पहले भी जिला प्रशासन ने 53 बसों के परमिट निरस्त करने की सिफारिश की थी।