चीन के साइबर जालसाजों को भारतीय बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले तिब्बत के नागरिक को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार को दिल्ली के द्वारिका सेक्टर-3 के एलआईजी फ्लैट गिरफ्तार आरोपी की पहचान छींजो थारचिंन उर्फ छांजन के रूप में हुई है। वह 23 वर्ष पहले भारत आया था और करीब 11 वर्ष पहले चंद्रा ठाकुर के नाम से भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया था।
एसटीएफ ने सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज कर जांच कर रही हैं। आरोपी के पास से दो पासपोर्ट, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, डेबिट कार्ड, कंबोडिया की सिम और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि छींजो थारचिंन उर्फ छांजन उर्फ चंद्रा ठाकुर उर्फ तांजिन 14 वर्ष की उम्र में 2001 में तिब्बत के लासा से 50-60 लोगों के समूह के साथ नेपाल के ढुकला आ गया। वह तीन माह तक काठमांडू के रिफ्यूजी सेंटर में रहा। जहां से दिल्ली के रिफ्यूजी सेंटर आ गया।
एक माह बाद वहां से हिमाचल प्रदेश के वीर बिलिंग के स्कूल में पढ़ाई शुरू की। करीब तीन वर्ष पढ़ने के बाद वो भागकर दिल्ली आ गया। उसके बाद उसने चार वर्ष तक दिल्ली और धर्मशाला के कई रेस्तरां में काम किया। वर्ष 2008 में मजनू का टीला में रहना शुरू किया। वहीं से काठमांडू के न्यू रोड से चीन का इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और चीजों को चोरी छिपे लाकर दिल्ली के बाजारों में बेचना शुरू किया। वर्ष 2010-11 में फेसबुक पर महिला से दोस्ती की और सिक्कम के गंगटोक जाकर होटल में कुक बन गया।
वर्ष 2021 में नेपाल यात्रा के बाद शुरू की ठगी
एसटीएफ के मुताबिक आरोपी ने वर्ष 2021 में नेपाल की यात्रा की थी। वहां पर ली नाम के चीन के नागरिक से मुलाकात हुई थी। ली ने नेट बैंकिंग वाले भारतीय बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने को कहा था। उनका प्रयोग गेमिंग एप, लॉगिन एप, ट्रेडिट एप में किया गया। ली ने दिल्ली के वसंत कुंज स्थित फार्म हाउस में रहने वाले चीन के नागरिक से मुलाकात कराई। आरोपी अपने पूर्व परिचित जॉर्डन के साथ मिलकर भारतीय बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने लगा। बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने के बदले पैसा लेता था।