जिला पंचायत सदस्य के पांच में से तीन पदों पर भारतीय जनता पार्टी की जीतने की प्रबल संभावना है। वार्ड एक से मोहिनी, वार्ड तीन से देवा भाटी और वार्ड पांच से अमित चौधरी मतगणना में देर रात तक आगे चल रहे थे। जबकि वार्ड दो से बसपा की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जयवती नागर और वार्ड चार से निर्दलीय प्रत्याशी सुनील भाटी देवटा भी निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे थे।
रविवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना रात 1:30 बजे के बाद तक चलती रही। खबर लिखे जाने तक वार्ड नंबर एक पर भाजपा प्रत्याशी मोहिनी प्रतिद्वंद्वी से बढ़त बनाए हुई थीं। इस सीट को बसपा का गढ़ माना जाता है, लेकिन अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण बसपा ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। बसपा के कई कार्यकर्ताओं ने पर्चा भरा था। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। इधर, वार्ड नंबर दो पर जयवती के सामने भाजपा की गीता देवी को कड़ी टक्कर देती दिख रही हैं। जबकि वार्ड तीन पर बसपा, कांग्रेस और सपा-रालोद के प्रत्याशी मजबूत नहीं होने का फायदा भाजपा के देवा भाटी को मिल सकता है।
सुनील भाटी तीसरी बार मैदान में
वार्ड नंबर चार से सुनील भाटी देवटा को तीसरी बार में जीत मिलना तय माना जा रहा है। इससे पहले दो चुनावों में भी उन्होंने दावेदारी पेश की थी, लेकिन हार गए थे। इस बार सुनील बसपा से टिकट लेने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिला। जिस पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा है। यहां भाजपा के प्रत्याशी सोनू प्रधान उनके सामने हैं।
विरोध के बाद भी भाजपा को मिली जीत
जिला पंचायत सदस्य के वार्ड पांच से भाजपा ने अमित चौधरी को उतारा है। उनको बाहरी प्रत्याशी बताकर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था। यहां तक की सांसद प्रतिनिधि ने टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय ही पर्चा दाखिल कर दिया था। बाद में पार्टी के बड़े नेताओं ने पर्चा वापस कराया। विरोध के बीच अमित चौधरी को काफी वोट मिले हैं।
कांग्रेस और सपा-रालोद गठबंधन संकट में
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव से जोड़ा जा रहा है। चुनाव के नतीजों से कांग्रेस, सपा और रालोद का सपना टूट सकता है। सपा और रालोद ने गठबंधन कर प्रत्याशी उतारे हैं, लेकिन जीतना मुश्किल लग रहा है।
भाजपा के खाते में जा सकता है अध्यक्ष पद
जिला पंचायत सदस्य के पांच में से तीन पदों पर भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी अगर जीतते हैँ तो अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा तय है। अध्यक्ष के चुनाव के लिए पांच में से तीन सदस्यों का समर्थन जरूरी है। वहीं, अध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार अमित चौधरी और देवा भाटी को माना जा रहा है। हालांकि, अभी पार्टी ने अध्यक्ष पद के दावेदार का नाम तय नहीं किया है। प्रदेश सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित रखा है। जिले में जिला पंचायत सदस्य के कुल पांच पद हैं। इनमें से वार्ड दो के पद बसपा की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जयवती नागर आगे चल रही हैं। जबकि, एक पद पर निर्दलीय सुनील भाटी के जीतने के आसार हैं।