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ऑनलाइन ऑक्सीजन कन्संट्रेटर बेचने के नाम पर ठगी में तीन और धरे

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फरीदाबाद। ऑनलाइन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन और बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 लाख 85 हजार रुपये नकद, 25 सिम कार्ड, 26 एटीएम कार्ड, 2 आधार कार्ड, 7 मोबाइल फोन और स्विफ्ट कार बरामद की है। पुलिस ने दो आरोपियों नीतीश और अभिनव को करीब एक सप्ताह पहले गिरफ्तार किया था। बृहस्पतिवार को पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल उर्फ रोहदास व चंद्रशेखर निवासी अलीगढ़ और ललित निवासी ललित मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। इसमें विशाल उर्फ रोहदास अलीगढ़ के टॉप-10 अपराधियों में शामिल है। आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या, अवैध हथियार सहित 13 मामले दर्ज हैं। वह कई बार जेल जा चुका है।
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पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इंडियामार्ट साइट पर मेडीफ्लेक्स इंजीनियर्स पुणे के नाम से एक फर्जी कंपनी पंजीकृत करा रखी थी। इंडियामार्ट वेबसाइट पर कंसंट्रेटर सर्च करने वालों का फोन नंबर आरोपियों तक पहुंच जाता था। इसके पश्चात आरोपी कंसंट्रेटर खरीदने वालों से फोन पर संपर्क करते थे और बाकी जगह मिल रहे कंसंट्रेटर की कीमत से कुछ कम दाम बता कर लोगों से अलग-अलग खातों में रुपये डलवा लेते थे। ऑनलाइन ठगी में पैसे के लेनदेन का काम ललित करता था।
आरोपियों ने बीपीटीपी थानाक्षेत्र के रहने वाले सुमित से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के नाम पर 97400 रुपये लिए थे। सुमित की शिकायत साइबर थाना में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। साइबर थाना प्रबंधक इंस्पेक्टर बसंत कुमार की अगुवाई में टीम का गठन किया गया। इसमें उप निरीक्षक राजेश कुमार, योगेश कुमार, सहायक उप निरीक्षक बाबूराम, नीरज, सत्यवीर, मुख्य सिपाही देवेंद्र, महिला मुख्य सिपाही अंजू, सिपाही बिजेंदर, अंशुल, संदीप, आजाद और अमित का नाम शामिल है। पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली व उसके आसपास के क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
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एनसीआर में अब तक करोड़ों की ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने कई वारदात का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने लोगों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की बात कबूली है। पूछताछ पूरी करने के पश्चात पुलिस ने आरोपी विशाल उर्फ रोहदास तथा चंद्रशेखर को अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया, जबकि ललित को पुलिस रिमांड पर लिया है। ललित ग्राहकों से ट्रांसफर करवाए गए पैसों का प्रबंधन करता था, इसलिए ललित द्वारा भिजवाए गए विभिन्न खातों में से पैसों की बरामदगी की जाएगी।
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