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Noida News: साढ़े पांच किलो चरस के साथ नेपाली सरगना समेत तीन धरे

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-नेपाल के पहाड़ी इलाकों से चरस लाकर भारत के मैदानी इलाकों में बेचते थे आरोपी

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) टीम मेरठ के साथ मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में नेपाली मूल के सरगना समेत तीन लोगों को जीरो प्वाइंट यमुना एक्सप्रेसवे से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान भाकसु कामी उर्फ बागसुर निवासी नेपाल, धीरज सिंह सामन्त निवासी गांव छाना गलाती नैनीताल उत्तराखंड व तुलसी देवी उर्फ मोटी निवासी इंदिरा नगर-1 गांव बिन्दु खत्ता नैनीताल उत्तराखंड के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से पांच किलो 500 ग्राम अवैध चरस, तीन मोबाइल, एक आधार कार्ड, एक नेपाली नागरिकता प्रमाण पत्र, दो हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 55 लाख रुपये बताई है।

एडिशनल डीसीपी अशोक कुमार का कहना है कि गिरोह का सरगना भाकसु कामी है जो मूलरूप से नेपाल का रहने वाला है। आरोपी वर्तमान में नाहरपुर विलेज रोहणी सेक्टर-7 नॉर्थ वेस्ट दिल्ली में किराये के मकान में रह रहा है। धीरज सिंह सामन्त और महिला तुलसी देवी धीरज की सगी बुआ है। दोनों गिरोह के सदस्य हैं। भाकसु कामी नेपाल से चरस लेकर आता है। जिसे धीरज अपनी बुआ तुलसी के साथ मिलकर दिल्ली, हरियाणा, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली व एनसीआर के लोगों को फुटकर में बेच कर मुनाफा कमाते हैं। आरोपी पहाड़ी लोगों के साथ स्कूल, कॉलेज के छात्रों को मादक पदार्थ की सप्लाई करती थी।
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अंतर्राज्यीय गिरोह से भी जुड़े होने की संभावना
आरोपी तुलसी के खिलाफ थाना छपार जनपद मुजफ्फरनगर में मुकदमा दर्ज है। जिसमें वह वांछित चल रही थी। आरोपी लंबे समय से तस्करी में लिप्त रहे हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाकों से चरस लाकर भारत के मैदानी इलाकों में बेचने का कार्य करते हैं। तस्करों के तार अंतर्राज्यीय गिरोह से भी जुड़े हो सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से चरस ले जाकर ऊंचे दामों पर बेचने का कार्य करते हैं। पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर तीनों को जेल भेज दिया है।
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