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'हर 100 रुपये का एक ही सीरियल नंबर': ग्रेटर नोएडा में जाली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 2.54 लाख बरामद

Tue, 06 Oct 2026 04:11 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेटर नोएडा में जाली नोटों की छपाई और तस्करी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 100-100 रुपये के 2549 जाली नोट बरामद हुए हैं। एडीसीपी अभय कुमार मिश्र के अनुसार, आरोपी असली नोट स्कैन कर जाली नोट बनाते थे और उन्हें बाजार में चलाने की तैयारी में थे।
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जाली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ईकोटेक प्रथम थाना पुलिस और एसओजी ग्रेटर नोएडा जोन की संयुक्त टीम ने जाली नोटों की छपाई और तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 100-100 रुपये के 2549 जाली नोट बरामद हुए हैं। इनकी कुल कीमत 2,54,900 रुपये है। पुलिस ने मौके से नोटों की छपाई में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर, कटिंग मशीन, स्कॉर्पियो और चार मोबाइल फोन समेत अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

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एडीसीपी ग्रेटर नोएडा अभय कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपियों ने असली नोट को स्कैन करने के बाद प्रिंटर की मदद से उसके सीरियल नंबर वाले जाली नोट तैयार किए थे। इसके बाद कटिंग मशीन से नोटों को काटकर गड्डियां तैयार की जाती थीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी इन नोटों को बाजार में चलाने और बेचने की तैयारी में थे।

सिरसा गोलचक्कर पर चेकिंग में पकड़े गए
कोतवाली प्रभारी अरविंद वर्मा ने बताया कि सोमवार की रात ईकोटेक प्रथम थाना क्षेत्र के सिरसा गोलचक्कर पर पुलिस टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली गई। गाड़ी में तीन युवक सवार थे। तलाशी के दौरान 100-100 रुपये के 2549 जाली नोट बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सभी नोटों पर एक ही सीरियल नंबर छपा हुआ था। पुलिस ने गाड़ी में सवार तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान बन्टी अत्री (23), खुशदिल (21) और उपेंद्र कुमार (25) के रूप में हुई है। तीनों अलीगढ़ जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं।
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असली नोट स्कैन कर तैयार करते थे नकली नोट
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले असली नोट को स्कैन करते थे। इसके बाद प्रिंटर की मदद से उसी सीरियल नंबर वाले नोटों की छपाई की जाती थी। छपे हुए नोटों को मशीन की सहायता से काटकर वास्तविक नोट के आकार में तैयार किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जाली नोटों को गड्डियों के रूप में तैयार करने का तरीका भी अपना रखा था। आरोपियों द्वारा तैयार की गई गड्डियों के ऊपर और नीचे असली नोट लगाए जाते थे, ताकि पहली नजर में पूरी गड्डी असली दिखाई दे। इसके अलावा गड्डी के सिरे पर केनरा बैंक के डिपॉजिट फार्म को रबर बैंड से लगाया जाता था। इस तरीके से आरोपियों का मकसद जाली नोटों की गड्डियों को असली नोटों की गड्डी जैसा दिखाकर बाजार में खपाना था।

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एक ही सीरियल नंबर वाले नोटों की बड़ी खेप
पुलिस की कार्रवाई में बरामद 2549 जाली नोट 100-100 रुपये के हैं। सभी नोटों पर एक ही सीरियल नंबर प्रिंट होने की बात पुलिस ने बताई है। बड़ी संख्या में एक ही सीरियल नंबर वाले नोट मिलने से पुलिस को आशंका है कि गिरोह योजनाबद्ध तरीके से नकली नोट तैयार कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने जाली नोट बाजार में चलाए हैं और इस नेटवर्क में इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि नोट छापने के लिए इस्तेमाल प्रिंटर और अन्य उपकरण आरोपियों ने कहां से खरीदे थे।

स्कॉर्पियो से लेकर जा रहे थे जाली नोट
पआरोपी जाली नोटों की खेप को स्कॉर्पियो में लेकर जा रहे थे। इसी दौरान सिरसा गोलचक्कर पर चेकिंग में उन्हें पकड़ लिया गया। बरामद स्कॉर्पियो का पंजीकरण नंबर हरियाणा का है। पुलिस ने वाहन को भी कब्जे में ले लिया है। तलाशी के दौरान चार मोबाइल फोन, पहचान पत्र और अन्य कागजात भी बरामद किए गए हैं। पुलिस मोबाइल फोन की जांच के जरिए आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों और जाली नोटों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

तीनों पर एक ही मुकदमा दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ ईकोटेक प्रथम थाने में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों का इसी मुकदमे से संबंधित आपराधिक इतिहास सामने आया है।
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बाजार में खपाने से पहले पुलिस ने पकड़ा
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जाली नोटों को बाजार में चलाने और बेचने के लिए लेकर जा रहे थे। हालांकि पुलिस की चेकिंग के दौरान बड़ी संख्या में जाली नोट बरामद होने से उनकी योजना विफल हो गई। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि गिरोह ने नकली नोटों की छपाई के लिए कहां ठिकाना बनाया था और वहां से अब तक कितनी खेप तैयार की जा चुकी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद जाली नोटों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सकेगा।
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