-एसोटेक विंसडर कोर्ट समेत कई सोसाइटियों के फ्लैट खरीदारों को रजिस्ट्री की आस
-परियोजनाएं अधूरी, फिर भी दस साल पहले बेच दिए फ्लैट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की नामी आवासीय परियोजनाओं में शामिल गोल्फ सिटी, प्लॉट -8 के करीब एक हजार परिवार बीते 10 वर्षों से अपने ही घरों की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने प्राधिकरण में बकाया धनराशि जमा नहीं कराई। इस वजह से रजिस्ट्री अटकी हुई है, जिससे उन्हें कानूनन मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा।
फ्लैट खरीदारों के अनुसार, उन्होंने साल 2016 में पूरी कीमत अदा कर फ्लैट का कब्जा ले लिया था, लेकिन अब तक संपत्ति उनके नाम दर्ज नहीं हो पाई। रजिस्ट्री न होने से बैंक लोन लेने, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य कानूनी कामों में दिक्कत आती है। कई परिवारों ने बताया कि वे बार-बार प्राधिकरण और बिल्डर के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं निकला। वहीं, सेक्टर-78 स्थित एसोटेक विंस्डर कोर्ट समेत दूसरी कई सोसाइटियों में भी प्राधिकरण की देनदारी के चलते रजिस्ट्री प्रक्रिया लंबित हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से फंसी परियोजनाओं के मामलों में विशेष पहल कर खरीदारों को राहत देने की मांंग की है।
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नॉर्थआई के फ्लैट खरीदारों को आशियाना तक नसीब नहीं
नॉर्थआई के फ्लैट खरीदारों को तो अब तक आशियाना भी नसीब नहीं हो पाया है। यहां फ्लैट खरीदारों ने बताया कि उन्होंने करीब दस साल पहले फ्लैट खरीदा था। पैसे जमा किए लेकिन इतने साल बाद भी उन्हें आशियाना नहीं मिल सका। अधूरे पड़े फ्लैट के कारण वह फिलहाल सोसाइटी में न रहकर दूसरी जगहों पर किराये पर रहने को मजबूर हैं।
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सोचा था कि 2016 में ही मालिकाना हक मिल जाएगा लेकिन यह अब भी एक सपना ही है। -
डॉ.
मुन्ना शर्मा, गोल्फ सिटी
कई बार बिल्डर से बात करने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। -
प्रभात कुमार, गोल्फ सिटी
नॉर्थआई की परियोजना अधूरी है। पैसे जमा हो गए हैं, लेकिन अधूरे फ्लैट के कारण आशियाना नहीं मिला। -
गुलशन कुमार, नॉर्थआई
सोसाइटी की परियोजना अब तक पूरी नहीं हुई। परियोजना पूरी हो, तब जाकर रजिस्ट्री की उम्मीद है। -
सचिन
मलिक, एसोटेक विंसडर कोर्ट सोसाइटी