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इस साल कोरोना के सबसे अधिक 37 मामले सामने आए

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This year, the highest number of 37 cases of corona were reported. - फोटो : ANI
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नोएडा। जिले में कोरोना संक्रमण एक बार फिर पांव पसार रहा है। बुधवार को शासन की ओर से जारी रिपोर्ट में जिले के आंकडे़ चौंकाने वाले रहे। जिले में बुधवार को इस साल सबसे अधिक 37 केस सामने आए हैं। इसके साथ ही गौतमबुद्ध नगर दूसरे नंबर पर आ गया है। शासन से जारी सूची में 220 मामलों के साथ लखनऊ पहले नंबर पर है। जिले में संक्रमण के केस लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि, राहत की बात है कि बीते 24 घंटों में 15 लोग ठीक भी हुए हैं। बढ़ते आंकड़ों को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं। अधिकारियों ने सतर्कता और भी बढ़ा दी है। कोविड अस्पतालों में एक बार फिर से पूरी तरह तैयार करा लिया गया है। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि अब तक 25595 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 91 लोगों की मृत्यु हुई है। जिले में 150 सक्रिय केस हैं। वहीं, कुल संक्रमितों की संख्या 25836 हो गई है।
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महाराष्ट्र और केरल से आने वाले 5 यात्रियों में मिला संक्रमण
महाराष्ट्र और केरल से आने वालों में से अब तक 5 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इन सभी का कोविड अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी गौतमबुद्ध नगर के निवासी हैं। बाहर से आने वाले लोगों की ट्रेसिंग के लिए टीमों को सतर्क कर दिया गया है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि प्रशासन सक्रियता से लोगों की ट्रैकिंग करा रहा है। आरडब्लयूए व पंचायतों में नोडल अधिकारियों को भी नियुक्त कर दिया गया है।
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सीमा से गुजरने वाले वाहनों पर नहीं पड़ेगा असर
जिलाधिकारी ने बताया कि बॉर्डर से गुजरने वाले कुछ लोगों को अचानक रोका जाएगा और उनकी कोरोना जांच कराई जाएगी। इससे अन्य वाहनों चालकों पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने लोगों से अपील है कि वह इस व्यवस्था में सहयोग करें। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है, जो व्यापारियों और दुकानदारों के साथ बैठक कर नियमों के पालन को सुनिश्चित कराएगी। इसके तहत लोगों को मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के प्रति प्रेरित किया जाएगा।
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अधिकारियों को देना होगा शपथ पत्र
जिले के सभी अधिकारियों से स्वघोषित शपथ पत्र देना होगा। एक सादे कागज पर लिखना होगा कि उन्होंने नियमों का पालन किया है। वहीं, विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह किसी भी हाल में कार्यालय में कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन नहीं होने दें।
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