लखनऊ। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर से शुरू हो रही है। इस दिन से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा और 1 अक्तूबर को महानवमी के साथ समापन होगा। इस बार नवरात्र दस दिन के रहेंगे क्योंकि तृतीया तिथि दो दिन पड़ रही है। ऐसे में मां चंद्रघंटा की पूजा 24 और 25 सितंबर दोनों दिन होगी।
कृष्णानगर स्थित श्री आशुतोष महादेव मंदिर के पुजारी पंडित आशुतोष पांडेय ने बताया कि काशी के महावीर पंचांग के अनुसार 22 सितंबर को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 06:09 से 08:06 बजे तक और मध्याह्न में 11:49 से 12:38 बजे तक रहेगा। इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे सुख-समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल के अनुसार हाथी की सवारी का फल वृद्धिकारक होता है और इससे पृथ्वी लोक पर खुशहाली आएगी।
शारदीय नवरात्र की तिथियां व पूजन
22 सितंबर (पहला दिन): मां शैलपुत्री की पूजा
23 सितंबर (दूसरा दिन): मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
24 सितंबर (तीसरा दिन): मां चंद्रघंटा की पूजा
25 सितंबर (तीसरा दिन): मां चंद्रघंटा की पूजा
26 सितंबर (चौथा दिन): मां कूष्माण्डा की पूजा
27 सितंबर (पांचवां दिन): मां स्कंदमाता की पूजा
28 सितंबर (छठा दिन): मां कात्यायनी की पूजा
29 सितंबर (सातवां दिन): मां कालरात्रि की पूजा
30 सितंबर (आठवां दिन): मां महागौरी की पूजा
1 अक्तूबर (नवां दिन): मां सिद्धिदात्री की पूजा
इस बार दस दिन के होंगे नवरात्र, दो दिन होगी मां चंद्रघंटा की पूजा