लालडिग्गी इलाके में भी पकड़ी जा चुकी है खराब मिठाई बनाने की फैक्टरी
गोरखपुर से आसपास के जिलों को भी भेजी जाती है मिठाई और टॉफी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में मिलावटी मिठाई बनाने का काला धंधा बढ़ता ही जा रहा है। बीते मार्च में लालडिग्गी इलाके में पकड़ी गई फैक्टरी के बाद अब निजामपुर में नकली मिठाई बनाने का बड़ा धंधा पकड़ा गया। यह फैक्टरी दिवाली को देखते हुए बड़े पैमाने पर पेड़ा, बर्फी और टॉफी बना रही थी।
पूछताछ में पता चला कि धंधेबाज मिठाई के बड़े दुकानदारों से खराब शीरा और बची हुईं मिठाइयां जैसे लड्डू, पेड़ा और बर्फी करीब 200 रुपये किलो पर खरीदकर लाते हैं और अपने कारखाने में इन्हें तोड़ कर नई मिठाई बना देते हैं। इसमें कई बार इस्तेमाल हो चुका रिफाइंड और घी का प्रयोग होता है। इस तरह से तैयार बर्फी व पेड़ा की लागत करीब 50 पैसा प्रति पीस आती है जिसे ये थोक में दो रुपये प्रति पीस के हिसाब से बेच देते हैं। खुदरा दुकानदार इसे 10 रुपये प्रति पीस या 400 रुपये किलो तक में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं।
होली से पहले भी सील हुई थी एक फैक्टरी
मिलावटी मिठाई बनाने का यह धंधा कोई नया नहीं है। मार्च में लालडिग्गी इलाके में भी इसी तरह की फैक्टरी पकड़ी गई थी जहां होली के लिए नकली मिठाइयों की पैकिंग हो रही थी। खास बात यह है कि वहां तैयार मिठाई को गोरखपुर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर तक भेजा जा रहा था। अब दिवाली से पहले एक और फैक्टरी पकड़ में आई है। मिलावटखोर इसे ग्रामीण क्षेत्र की छोटी दुकानों पर भेज रहे हैं।
बीमार बनाएगी ये मिठाई
चिकित्सक डॉ. गौरव पांडेय ने बताया कि खराब शीरे और मिठाई से बनी ये नई मिठाई स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इससे लिवर से जुड़ीं बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा फूड पॉइजनिंग और संक्रमण का गंभीर खतरा रहता है। त्योहार ही नहीं सामान्य दिनों में भी मिठाई खरीदते समय उसकी शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।