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Noida News: यीडा में प्रॉपटी बेचने से पहले होगा ऑनलाइन सत्यापन

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यीडा आवंटियों को नहीं लगाने होंगे दफ्तर के चक्कर, ऑनलाइन होगा सत्यापन
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- यमुना प्राधिकरण ने ऑफलाइन सत्यापन प्रकिया को किया खत्म, संपत्ति के ट्रांसफर में आएगी तेजी
- केवल सत्यापन के लिए दूसरे शहरों से आने की बाध्यता समाप्त, आवंटी कर रहे थे शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने आवंटियों को प्रॉपर्टी बेचने (टीएम वेरीफिकेशन) के दौरान अब कार्यालय आकर ऑफलाइन सत्यापन (केवाईसी) कराने की बाध्यता नहीं रहेगी। अब ऑनलाइन सत्यापन कराया जा सकेगा। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने ऑफलाइन सत्यापन प्रक्रिया को खत्म करने की घोषणा की है। इससे संपत्ति ट्रांसफर में तेजी आएगी। अहम है कि आवंटी ऑफलाइन सत्यापन कराने के दौरान बार-बार परेशान करने की शिकायत कर रहे थे।
दरअसल यमुना प्राधिकरण में संपत्ति का ट्रांसफर कराने से पूर्व आवंटियों को अपना सत्यापन (टीएम वेरीफिकेशन) कराना होता है। इसमें आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज जमा कराने होते हैं। इसके बाद ही संपत्ति ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ती थी। इसके एवज में अधिकारियों द्वारा आम लोगों को परेशान किया जाता था। अहम है कि यीडा के 40 से 50 फीसदी आवंटी दूसरे शहरों के निवासी है। उन्हें प्लॉट या फ्लैट की बिक्री के लिए दूसरे शहरों से लेकर दूसरे देशों से केवल सत्यापन कराने के लिए प्राधिकरण के दफ्तर आना पड़ता था। अब ऑफलाइन सत्यापन की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।
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सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि लगातार आवंटियों की ओर से शिकायतें मिल रही थी। जिसमें प्राधिकरण अधिकारियों और कर्मचारियों पर परेशान करने से लेकर पैसे मांगने तक के आरोप लगाए जा रहे थे। लोगों की परेशानी को देखते हुए यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब आवासीय भूखंड और भवनों को ट्रांसफर कराने के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन फार्म जमा करने के लिए प्राधिकरण पहुंचता है तो वहां सीआर सेल में उसे ऑनलाइन फॉर्म भरने मदद की जाएगी।
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मास्टर प्लान फेज-दो की तैयारी शुरू

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा फेज-2 मास्टर प्लान को लेकर प्राधिकरण अधिकारियों ने संबंधित हितधारकों के साथ बैठक करने की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें इसमें सिंचाई विभाग, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, जिला प्रशासन आदि शामिल हैं। जिससे 40 हजार हेक्टेयर में बनने वाले मास्टर प्लान को अमली जामा पहनाया जा सके। दरअसल, प्राधिकरण की ओर से बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान फेज-दो को मंजूरी दे दी है। इसमें औद्योगिक, आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत, हरित, मिक्स लैंड यूज समेत सभी तरह के भू उपयोग का प्रतिशत तय किया गया था। बोर्ड ने भू उपयोग के प्रतिशत में संशोधन कराए थे। इन संशोधनों के साथ मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की तैयारी है।
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