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Noida News: निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस के दाखिले में नहीं होगी गड़बड़ी

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-दाखिले से मना करने वाले आवंटित स्कूल के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
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-शिक्षा मंत्री आतिशी ने दिए दाखिले की प्रक्रिया को सुगम बनाने के आदेश

-शिक्षा मंत्री के निर्देश पर शिक्षा निदेशालय ने चार सूत्रीय एक्शन प्लान बनाया

-दाखिले की अपडेट देने के लिए निदेशालय नियमित रूप से भेजेगा एसएमएस

-शिक्षा विभाग व डीसीपीसीआर की कमेटी रखेगी पूरी दाखिला प्रक्रिया पर नजर

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में होने वाले आर्थिक पिछड़े वर्ग के दाखिले में होने वाली दिक्कतों को दूर करने के प्रयास शुरू किए हैं। सरकार ने पूरे साल दाखिला प्रक्रिया को सख्ती से मॉनिटर करने की योजना बनाई है। इसके लिए शिक्षा मंत्री आतिशी ने ईडब्ल्यूएस के तहत आवंटित निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया को सुगम बनाने के आदेश दिए हैं। शिक्षा मंत्री के आदेश पर शिक्षा निदेशालय ने चार सूत्रीय एक्शन प्लान बनाया है।

इस प्लान के तहत शिक्षा निदेशालय दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के साथ एक संयुक्त कमेटी बनाएगा, जो पूरी दाखिला प्रक्रिया पर नजर रखेगी। शिक्षा मंत्री आतिशी ने मंगलवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सत्र के लिए ईडब्ल्यूएस के दाखिले सुगम तरीके से हो और निजी स्कूल अपनी मनमानी न कर सकें। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि स्कूल चयनित बच्चों को दाखिला देने से मना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मालूम हो कि सत्र 2023-24 के लिए 2001 स्कूलों में नर्सरी, केजी और पहली कक्षा की 37, 187 सीटों के लिए 2,09, 753 आवेदन प्राप्त हुए हैं। बीते सप्ताह ही शिक्षा निदेशालय ने कंप्यूटराइज्ड ड्रा के माध्यम से इन सीटों के लिए बच्चों का चयन किया। इनमें उन्हें स्कूल आवंटित किए गए। अभिभावक इन स्कूलों में जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करवाते हैं। लेकिन कई बार ऐसा देखने को मिला की कुछ स्कूलों में ड्रा में नाम आने के बाद भी अभिभावकों को दाखिले के लिए परेशान किया जाता है या दाखिले से मना कर दिया जाता है।
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चार सूत्रीय एक्शन प्लान

-शिक्षा निदेशालय दाखिला प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के साथ एक संयुक्त कमेटी बनाएगा।

-हर जिले में एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया जायेगा जो दाखिले के दौरान अपने जिले के स्कूलों पर नजर बनाए रखेगा। अभिभावक किसी भी समस्या के समाधान के लिए नोडल ऑफिसर से संपर्क कर सकेंगे। ये नोडल ऑफिसर अपने जिले में दाखिले से संबंधित रिपोर्ट साप्ताहिक रूप से शिक्षा मंत्री को सौंपेंगे। पूरी प्रक्रिया को शिक्षा मंत्री स्वयं मॉनिटर करेंगी।
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-दाखिले से संबंधित अपडेट व जानकारी देने के लिए अभिभावकों को शिक्षा निदेशालय की ओर से नियमित एसएमएस भेजे जाएंगे।

-दाखिले की प्रक्रिया में नजर बनाए रखने और दाखिले न होने की स्थिति में स्कूलों पर होगी कार्रवाई

-नोडल अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि ईडब्ल्यूएस दाखिलों को लेकर जिन स्कूलों से शिकायतें आ रही है वहां स्वयं जाकर शिकायत का निवारण करें। यदि कोई भी स्कूल सीट आवंटन के बाद भी दाखिले देने से मना करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
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