भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे न लगाने के मामले की जांच होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पीडब्ल्यूूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास की मरम्मत में सरकारी धन के इस्तेमाल की जांच होगी। इस मामले में पता लगाया जाएगा कि अधिकारियों ने किस आधार पर खर्च को मंजूरी दी थी। वहीं, उन्होंने गत पांच साल के दौरान आप सरकार की ओर से भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने के मामले की भी जांच के आदेश दिए।
वर्मा ने कहा कि तीन साल पहले बनाए गए आलीशान मुख्यमंत्री कार्यालय की भी जांच की जाएगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जनता के पैसों का दुरुपयोग नहीं हुआ है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास के नवीकरण के लिए राशि आवंटित करने के मामले की भी जांच की जाएगी। उन्होंने विधानसभा में भाजपा विधायकों की ओर से इलाके में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने के उठाए मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि उनके इलाकों में अब प्राथमिकता के आधार पर कैमरे लगाए जाएंगे। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आप सरकार ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए 1.40 लाख कैमरे खरीदे थे, लेकिन भाजपा के आठ विधायकों की सीटों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 2,000 कैमरे लगाने थे, लेकिन आठ सीटों पर एक भी कैमरा नहीं लगा, जो राजनीतिक भेदभाव का स्पष्ट उदाहरण है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वर्मा ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।