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Noida News: दो युवकों के शव आते ही गढ़ी मयचक मोहल्ले में मचा कोहराम

Fri, 24 Oct 2025 02:09 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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हादसे के बाद एंबुलेंस का इंतजार करते स्थानीय व परिजन। संवाद
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पावकी देवी में हुई सड़क दुर्घटना के बाद गढ़ी मयचक की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जैसे ही दो युवकाें के शव लेकर एम्स से एंबुलेंस पहुंची वैसे ही मोहल्ले में कोहराम मच गया। सभी की आंखें नम थी। हर कोई वक्त को कोस रहा था। इस दुर्घटना में तीसरे युवक के शव को एम्स की मोर्चरी में रखा गया है। उसकी बहन का दुबई से आने का इंतजार किया जा रहा है।



बुधवार देर रात पावकी देवी मार्ग पर ग्राम नाई के पास हुए हादसे में श्यामपुर गढ़ी मयचक के पांच दोस्तों की स्कॉर्पियो गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में तीन युवकों ने मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है। उनका अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के ट्राॅमा सेंटर में इलाज चल रहा है।
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शाम को चार बजे जैसे ही एम्स से एक एंबुलेंस दो युवकों का शव लेकर पहुंची तो पूरे मोहल्ले में कोहराम मच गया। इस हादसे में जान गंवाने वाले विमल कंडियाल (31) की दो साल पहले शादी हुई थी। उनकी एक साल की दूधमुंही बेटी बार-बार दरवाजे की ओर देख रही थी, मानो पापा को ढूंढ रही हो। मृतक युवक के पिता पहले ही गुजर चुके थे, मां का सहारा भी अब चला गया।



आशीष कलूड़ा (26) के परिजनों का दर्द भी कुछ कम नहीं था। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और दो बहनों का इकलौता भाई था। आशीष अभी पढ़ाई कर रहा था। सपनों की शुरुआत ही हुई थी कि जिंदगी थम गई।

राहुल कलूड़ा (23) अपने परिवार में पिता के बाद सहारा था। उसकी बहन विदेश में नौकरी करती है। राहुल के शव को एम्स में मोर्चरी में रखा गया है। बहन के आने का इंतजार किया जा रहा है। शाम पांच बजे हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर विमल कंडियाल और आशीष कलूड़ा का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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जिस घर में जल रहे थे दीये, अब सिर्फ सन्नाटा व आंसू



त्योहार की खुशियां कब मातम में बदल जाएंगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। बुधवार देर रात पावकी देवी मार्ग पर ग्रामसभा नाई के पास हादसे में श्यामपुर गढ़ी मयचक के पांच दोस्तों की स्कॉर्पियो गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है। भैया दूज की सुबह, जो बहनों के लिए भाई की लंबी उम्र की दुआ लेकर आती है इस बार शोक की घड़ी बन गई। एम्स में पोस्टमॉर्टम के बाद जैसे ही एंबुलेंस गांव पहुंची, पूरा इलाके में रोने की आवाज सुनाई दे रही थी। कोई मां बेहोश हो रही थी तो बहन बेसुध। त्योहार का दिन गढ़ी मयचक के लिए अब हमेशा दर्द की याद बन गई है। जिस घर में दीये जल रहे थे, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और आंसू हैं।
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