-स्टेशन पर ट्रेनों में जगह नहीं मिली तो बस पकड़ने को आतुर नजर आए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा/दादरी। दिवाली पर घर जाने वाले लोगों को रविवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर बस नहीं मिली। जबकि रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में कोई व्यवस्था नहीं मिली। यात्रियों को 30 मिनट से लेकर दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इंतजार के बाद जब बस मिलीं तो वो खचाखच भरी थी। मजबूरी में लोगों को तमाम दिक्कतों के साथ घर रवाना होना पड़ा। ग्रेटर नोएडा के परी चौक, जीरो प्वाइंट और दादरी में यात्री बसों की कमी के कारण परेशान दिखे। दादरी रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की काफी भीड़ रही।
इस बार बस स्टेशन को परी चौक मेट्रो स्टेशन के नीचे शिफ्ट कर दिया गया। इस कारण परी चौक पर यातायात प्रभावित नहीं हुआ। हालांकि यात्रियों को बसों की कमी के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। बस स्टैंड पर सुबह से लेकर शाम तक यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा। हर रूट की सुबह 11 बजे तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन इसके बाद यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। दोपहर 2 बजे तक परी चौक और अंसल के सामने यात्री बस पकड़ने के लिए भटकते रहे। निजी बसों की तुलना में रोडवेज की बसों की संख्या काफी कम रही। ग्रेटर नोएडा से बुलंदशहर, सिकंदराबाद और बदायूं की ओर जाने वाले यात्रियों को एक से डेढ़ घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। कई रूटों की बसें यमुना के जीरो पॉइंट से ही निकल रही थीं, जिससे स्टैंड पर खड़े यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
निजी बस संचालकों ने वसूला मनमाना किराया
रोडवेज की बसों की कमी का फायदा उठाते हुए निजी बस चालकों ने कई रूटों पर तय किराए से 50 से 100 रुपये तक अधिक किराया वसूला। यात्रियों के विरोध के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों को मजबूरन अधिक किराए में सफर करना पड़ा।
बाईपास से निकल रही बसें, यात्री परेशान
दिवाली के अवसर पर रोडवेज बसों की कमी के कारण दादरी बस अड्डे पर यात्री घंटों इंतजार करते रहे। गाजियाबाद से बुलंदशहर और अन्य रूटों की कई बसें बाइपास से निकल रही थीं। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को चिटहेरा और धूम मानिकपुर तक जाना पड़ रहा था। जो बसें स्टैंड पर आ रहीं थीं, उनमें भारी भीड़ थी।
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45 मिनट से बस का इंतजार कर रहा हू, लेकिन कोई सूचना देने वाला नहीं है। जानकारी के अभाव में यात्री भटकते रहे। दिवाली पर भी रोडवेज की व्यवस्था बेकार रही।
हरेंद्र, छात्र निवासी सिकंदराबाद
हर बार रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाने और बेहतर सेवा देने का दावा किया जाता है, लेकिन यह दावे केवल कागजों पर ही रहते हैं। मौके पर तीन से चार बसें ही दिखाई दीं।
सोबिक, छात्र व यात्री
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वो अलीगढ़ जाने के लिए करीब दो घंटे से रोडवेज बसों का इंतजार कर रहे हैं। जो बसें आ रही हैं, वो पहले से ही फुल होती हैं और सिर्फ बुलंदशहर तक ले जाने की बात कही जाती है, जिससे परेशानी हो रही है।
अंशुल, यात्री
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वो बदायूं जाने के लिए सुबह से बस का इंतजार कर रहा है। धूप में खड़े होने के बावजूद बसें नहीं मिल रहीं। जो बस आती है, उसमें इतनी भीड़ होती है कि परिचालक बदायूं तक जाने से मना कर देते हैं। दो घंटे से अधिक समय से इंतजार कर रह हू।
आकाश, यात्री
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वो परिवार और बच्चों के साथ इटावा जाने के लिए दादरी बस स्टैंड पहुंची हैं। बस न मिलने से बच्चों को परेशानी हो रही है। घर तक पहुंचना आसान नही होगा।
आशा देवी, यात्री
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ग्रेटर नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करता हू। दीपावली पर घर जाने के लिए दादरी बस अड्डे पहुंचा, लेकिन बस नहीं मिल रही है। करीब एक घंटा हो गया है।
सोनू, यात्री
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ग्रेटर नोएडा डिपो की 117 बसें को 18 रूटों पर उतारा गया है। दिन-रात बसों का संचालन किया जा रहा है। रास्ते में जाम लगने के कारण कई बार बसें देर से पहुंचती हैं, इसके बावजूद यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
अनिल कुमार शर्मा, एआरएम ग्रेनो डिपो