- 650 सीटों पर आए सिर्फ 547 आवेदन, सीयूईटी के बाद केंद्रीय विश्वविद्यालयों की ओर बढ़ा छात्रों का रुझान, बार-बार बढ़ानी पड़ रही पंजीकरण तिथि
नेहा शर्मा
नोएडा। कभी प्रवेश के लिए मारामारी वाले जिले के पहले सरकारी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इस बार सीटें भरना चुनौती बन गया है। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) लागू होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित संस्थानों का रुख कर रहे हैं। इसका असर यह है कि सेक्टर-39 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक की 650 सीटों के मुकाबले अब तक केवल 547 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। इस दौरान महाविद्यालय में बीए की 350 सीटों के लिए 296, बीकॉम की 160 सीटों के लिए 149 और बीएससी की 140 सीटों के लिए केवल 102 आवेदन आए हैं। इनमें बीएससी मैथ्स एवं कंप्यूटर साइंस के लिए 59 और बीएससी बॉयोलॉजी के लिए 43 आवेदन शामिल हैं।
जिले के अन्य कॉलेजों में भी आवेदन अपेक्षा से कम-
यह स्थिति केवल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय तक सीमित नहीं है। जिले के अन्य कॉलेजों में भी आवेदन अपेक्षा से कम आए हैं। इसी कारण विश्वविद्यालय को प्रवेश पंजीकरण की अंतिम तिथि बार-बार बढ़ानी पड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीयूईटी के जरिए छात्रों को देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश का अवसर मिलने से वे पहले वहां की काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही राज्य के सरकारी कॉलेजों को विकल्प के रूप में चुन रहे हैं। इसके अलावा तकनीकी और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण भी पारंपरिक स्नातक पाठ्यक्रमों में रुचि कम हुई है।
कोट-
अभी प्रवेश प्रक्रिया जारी है और पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आवेदन संख्या में वृद्धि होगी।
-प्रो. डॉ. मोनिका सिंह, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय
-
जिले का पहला सरकारी कॉलेज
कोर्स सीटें आवेदन
बीए 350 296
बीकॉम 160 149
बीएससी 140 102