अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी ने हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार सुसाइड केस में न्यायिक जांच की मांग की है। आप के प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए विधायक सुखविंदर कुमार सुखी व महासचिव डॉ. एसएस अहलूवालिया ने इस घटना को दुखद बताया है। उन्होंने सीजेआई बीआर गवई को कोर्ट रूम में जूता मारने के प्रयास की भी कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि आईपीसी की आत्महत्या कोई साधारण मौत नहीं है बल्कि यह न्याय और समानता की हत्या है। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि उन्हें सिर्फ इसलिए अपमानित किया गया क्योंकि वह दलित थे। हरियाणा के डीजीपी, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उन्हें लगातार परेशान करते रहे। जाति-आधारित उत्पीड़न इस हद तक बढ़ गया कि उन्हें अपनी जान लेने पर मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकारें दलितों पर अत्याचार और दोषियों को बचाना जारी रखेंगी, तो आप और पूरा दलित समुदाय न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरेगा।