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गांव सरूरपुर में बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे लोग

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फरीदाबाद। शायद ही ऐसा कोई गांव होगा जहां इतनी सारी समस्याएं एक साथ हों, जहां कई बार ग्रामीण आला अधिकारी तक समाधान के लिए गुहार लगा चुके हों पर सुनवाई न हुई हो, लेकिन गांव सरूरपुर है जहां लोग बुनियादी सुविधाओं को भी तरस रहे हैं। कहने को सड़कें हैं पर न लाइटें जलती हैं और न अतिक्रमण साफ होता है। लोग खंड विकास अधिकारी से कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया।
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ग्रामीणों ने बताया कि करीब पांच सौ साल पुराने इस गांव में स्ट्रीट लाइटें तो लगी हैं लेकिन सीवर लाइन अभी तक नहीं डाली गई। गांव में पानी निकासी के लिए नालियां हैं मगर उनकी नियमित रूप से सफाई नहीं होती। गांव का एक जोहड़ है जिसमें पूरे गांव का पानी इकट्ठा होता है फिर भी उसकी सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस कारण जोहड़ ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर बहता रहता है। बरसात में ये समस्या और बढ़ जाती है। जोहड़ का पानी लोगों के घरों में भर जाता है। गांव की अधिकांश गलियां सीमेंटेड हैं। गांव में बिजली सप्लाई में काफी कटौती होती है। फॉल्ट व ब्रेकडाउन से एक बार बिजली जाने पर आठ-आठ घंटे सप्लाई बाधित रहती है। सड़कों का ये हाल है कि पूरी जगह अतिक्रमण भरा रहता है। लोगों को चलने तक की जगह नहीं मिल पाती।
दिखावे के शिकायत केंद्र
शिकायत केंद्र में फोन करने पर कोई सुनवाई नहीं होती है। गांव में लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा अटल सेवा केंद्र खोले गए। यहां लोगों से अवैध वसूली की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र संचालक वोटर कार्ड, पेंशन और आधार कार्ड बनवाने जैसी सुविधाओं के लिए पांच सौ से दो हजार रुपये तक वसूलता है। जब इसकी शिकायत प्रशासन से की गई तो वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं के लिए पीडब्ल्यूएडी, बिजली अधिकारी व जिला खंड विकास अधिकारी को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही का सितम उन्हें झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खंड विकास अधिकारियों को गांव की समस्याओं को जल्द दूर करना चाहिए, जिससे लोगों को रहने के लिए बेहतर माहौल मिल सके।
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लोगों ने सुनाया अपना दर्द
अटल सुविधा केंद्र लोगों की सहायता के लिए बनाया गया है फिर भी केंद्र संचालक पेंशन, आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि बनाने के नाम पर लोगों से रुपये वसूलते हैं। यहां लोगों की समस्याओं का समाधान कम और परेशानी ज्यादा मिल रही है।
- जगदीश सैैैनी, ग्रामीण
जोहड़ की पांच साल से सफाई नहीं हुई। इस कारण जोहड़ ओवरफ्लो हो रहा है। थोड़ी बारिश होने पर सारा पानी घरों में भर जाता है। ऐसे में लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी होती है।
- बीरेंद्र सैनी, ग्रामीण
गांव में बिजली की समस्या काफी ज्यादा है। एक फाल्ट या ब्रेकडाउन की वजह से बिजली जाने पर छह से आठ घंटे तक लोगों को सप्लाई बहाल होने का इंतजार करना पड़ता है। शिकायत केंद्र पर फोन करते है। यहां मौजूद कर्मचारी ठीक से बात तक नहीं करते है।
- बिक्रम सिंह, ग्रामीण
सरूरपुर चौक से गांव में जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। सड़क के दोनों और बनी नालियों पर दुकानें बना ली है। कई जगह गंदगी से भरी हुई है। बारिश होने पर ये सड़क तालाब बन जाती है। सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है।
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- हेतलाल, ग्रामीण
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