पीड़िता का आरोप है कि चोरों ने सीढ़ियों के पास दरवाजे को काटकर फ्लैट में प्रवेश किया। यहां ब्लेड भी मिली है। इसके बाद चाबी का इस्तेमाल कर वार्डरॉब खोली और उसमें रखे आभूषण लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और साक्ष्य जुटाए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ संदिग्धों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
पांच दिन पहले इस टावर में हुई थी चोरी
सूरजपुर कोतवाली अंतर्गत जीटा-वन स्थित एटीएस डोल्से सोसायटी के बंद फ्लैट में घुसे चोर करीब पांच दिन पहले फ्लैट नंबर 5042, में अलमारी के लाकर तोड़ कर गहने चुरा ले गए थे। पीड़ित परिवार का दावा है कि वारदात को अंजाम देने के दौरान बदमाशों ने वहीं बैठ कर शराब पी और बाथरूम में शौच कर बिना फ्लश चलाए फरार हो गए थे। पूरा परिवार फ्लैट में ताला बंद कर बिहार स्थित पैतृक गांव गया था। बीते 22 अक्टूबर की देर रात लौटने पर घटना की जानकारी हुई। पुलिस मामले म प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है।
पुलिस चोरी खोलने में नाकाम, निवासी भय में
सोसाइटी के निवासियों में चोरी की घटना के बाद भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो चोरों के लिए बंद फ्लैट में घुसना आसान नहीं होता। निवासियों ने सोसाइटी के प्रवेश और निकास द्वार पर निगरानी बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच कराने और सुरक्षा गार्डों की सतर्कता सुनिश्चित करने की मांग की है। निवासियों ने मेंटेनेंस विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए है। घटना के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। 5042 के फ्लैट में चोरी के मामले में वारदात को पांच दिन बीतने के बावजूद चोरों का सुराग नहीं लग सका है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्धों की पहचान का दावा कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। सोसाइटी में चोरी की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरों को फ्लैट के बंद होने की जानकारी कैसे मिली और उनके पास लॉकर की चाबी कैसे पहुंची। घटना की जानकारी मिलने के बाद सोसाइटी के निवासी पीड़ित परिवार के पास पहुंचे और उन्हें ढाढ़स बंधाया। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। निवासियों ने पुलिस से जल्द चोरी का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी की मांग की है।