संतकबीरनगर। सर्दियों का मौसम बच्चों के लिए मुश्किलें लेकर आता है। इस मौसम में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। खांसी, बुखार, तेज सांस चलना और सीने में जकड़न इसके प्रमुख लक्षण हैं। कई बार यह जानलेवा भी साबित होता है। विशेष रूप से पांच वर्ष तक के बच्चों में यह बीमारी तेजी से फैलती है। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में सावधानी बहुत जरूरी है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार काे 1350 मरीजों ने पर्चा बनवाया। इसमे करीब 100 से ऊपर बच्चे शामिल रहे। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले बच्चों में निमोनिया के लक्षण तेजी से सामने आ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन बच्चों की ओपीडी में लगभग 100 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें से औसतन पांच बच्चों में निमोनिया की पुष्टि हो रही है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि निमोनिया एक गंभीर श्वसन रोग है, जो फेफड़ों को प्रभावित करता है। इससे फेफड़ों में सूजन आ जाती है और सांस लेने में कठिनाई होती है। अगर समय पर इलाज न मिले तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर किसी बच्चे में जकड़न है तो उसका तत्काल इलाज कराया जाना चाहिए। लोग दुकान से सिरप लेकर बच्चों को पिला देते है जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। चिकित्सक के परामर्श के बाद ही बच्चे को कोई दवा देनी चाहिए।