मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आढ़तियों के लाइसेंसों की वैधता पांच से बढ़ाकर 10 साल की जाएगी और नए लाइसेंस 48 घंटों के भीतर जारी किए जाएंगे। इससे उनकी बड़ी समस्या हल होगी। इसी तरह मंडियों में आढ़तियों को आवंटित दुकानों का निर्माण न करने से संबंधित लंबित बकाए, जुर्माना और ब्याज का निपटारा करने के लिए सरकार एकमुश्त निपटान योजना (ओटीसी) लेकर आएगी। मान ने शुक्रवार को प्रदेश के आढ़तियों के साथ बैठक के दौरान ये बातें कहीं।
मान ने धान के खरीद सीजन के लिए आढ़तियों का सहयोग मांगा, ताकि बाढ़ की मार झेल रहे किसानों को राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि आढ़तियों की अधिकांश मांगें केंद्र सरकार से संबंधित हैं और केंद्र इन पर ध्यान नहीं दे रहा। राज्य सरकार आढ़तियों के मुद्दों को केंद्र के समक्ष जोरदार ढंग से उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों के कमीशन में वृद्धि का मामला पहले ही केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है। उन्होंने आढ़तियों की भूमिका को महत्व न देने के लिए केंद्र की आलोचना की और कहा कि आढ़ती खरीद कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मान ने आढ़तियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें पूरी खरीद प्रक्रिया का आधार बताया।
आढ़तियों के महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़ती किसानों के बिना वेतन वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जो फसल उत्पादन और वित्तीय लेन-देन का विस्तृत रिकॉर्ड रखते हैं। राज्य सरकार केंद्र सरकार की ओर से अनाज खरीदती है और सावन मंडीकरण सीजन 2025-26 के दौरान सुचारू और निर्बाध खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हाल ही में आई बाढ़ के कारण हुए भयानक नुकसान के बारे में मान ने कहा कि 2300 से अधिक गांव डूब गए हैं, जिससे 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और पांच लाख एकड़ में फसलें तबाह हो गईं। 56 लोगों की जान चली गई और लगभग सात लाख लोग बेघर हो गए और साथ ही बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,200 सरकारी स्कूल, 19 कॉलेज, 1,400 क्लीनिक और अस्पताल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 8,500 किलोमीटर सड़कें और 2,500 पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लगभग 13,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि वास्तविक आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है। इस समय राज्य संकट में है लेकिन केंद्र सरकार से किसी भी वित्तीय सहायता की उम्मीद नहीं है। राज्य सरकार ने मिशन चढ़दी कला की शुरुआत की है। लगभग 1,000 व्यक्तियों ने पहले ही इस नेक कार्य के लिए अपना समर्थन देने का वादा किया है।