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Iपरिव्राजक को बताया युग निर्माण मिशन का सच्चा प्रतिनिधिI
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में मंगलवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिव्राजक गरिमा शिविर का शुभारंभ हुआ। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने प्रतिभागियों को युग निर्माण का मूलमंत्र देते हुए कहा कि परिव्राजक युग निर्माण मिशन के सच्चे प्रतिनिधि हैं, जो समाज में जागरण, संस्कार और सेवा के सूत्रधार हैं। उन्होंने सेवा, साधना और संगठन पर आधारित जीवन शैली को युगधर्म बताया।
व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि ने कहा कि परिव्राजक देश-विदेश में 5000 से अधिक प्रज्ञा संस्थानों के माध्यम से रचनात्मक कार्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं। इन परिव्राजकों की गरिमा और समर्पण को देखते हुए यह शिविर हर वर्ष आयोजित होता है। इस शिविर में विचारशील व्याख्यान और प्रशिक्षण कार्यशालाओं के माध्यम से कार्यकर्ताओं को नैतिक उन्नयन और मिशन के जन्मशताब्दी लक्ष्यों के प्रति दायित्वबोध जाग्रत करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।