प्रतिभागियों को संबोधित करते प्रो. अनेजा। स्रोत ः विवि
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विज्ञान व मानविकी विभाग की ओर से ग्रीनहाउस गैसें और उनका वैश्विक प्रभाव पर कार्यशाला शुक्रवार को हुई। इस मौके पर अमेरिका स्थित नॉर्थ कैरोलाइना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रो. विनय पी. अनेजा ने कहा कि कार्बन डाई आक्साइड, मेथेन, नाइट्रोजन डाई आक्साइड जैसी ग्रीनहाउस गैसों का बढ़ता स्तर दुनियाभर के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि कार्बन डाई आक्साइड का स्तर 420 पार्ट्स पर मिलियन (पीपीएम), मेथेन 1934 पार्ट्स पर बिलियन (पीपीबी) और नाइट्रस ऑक्साइड 337 पार्ट्स पर बिलियन (पीपीबी) तक पहुंच चुका है, जो औद्योगिक काल से अब तक कई गुना वृद्धि को दर्शाता है। ऊर्जा, परिवहन, कृषि और उद्योग से होने वाला उत्सर्जन पर्यावरणीय असंतुलन, जलवायु परिवर्तन और भविष्य की पारिस्थितिक चुनौतियों को तेजी से बढ़ा रहा है। ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय स्रोतों के उपयोग, सतत कृषि और वैज्ञानिक नीति-निर्माण को समय की जरूरत बताया। इस मौके पर डॉ. नलिनी मिश्रा, डॉ. बृजेश कुमार द्विवेदी, डॉ. सुमन कुमार मिश्रा और डॉ. राजकुमार सिंह मौजूद रहे।
प्रतिभागियों को संबोधित करते प्रो. अनेजा। स्रोत ः विवि