अंबेडकरनगर। विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत सैयद मखदूम अशरफ की दरगाह पर सोमवार की शाम आस्था और सौहार्द का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अगहनिया मेले के दौरान दीपावली पर्व पर दरगाह शरीफ और आसपास का पूरा इलाका दीपों की झिलमिल रोशनी से आलोकित रहा।
हिंदू और मुस्लिम श्रद्धालुओं ने मिलकर दरगाह परिसर में दीप प्रज्ज्वलित किए और देश में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। दरगाह परिसर में शाम ढलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देश के विभिन्न प्रांतों से आए लाखों जायरीनों ने मजार पर चादर पेश की। दरगाह का माहौल दीपों की रोशनी और गुलाब की खुशबू से सराबोर रहा। दीपावली की शाम दरगाह शरीफ के साथ नीर शरीफ तट पर भी धार्मिक एकता का दृश्य मन मोह लेने वाला था। हिंदू श्रद्धालुओं ने जहां मिट्टी के दीप जलाए, वहीं मुस्लिम जायरीनों ने फूलों की चादर चढ़ाकर परंपरागत अंदाज में इबादत की। देर रात तक मजार शरीफ पर जियारत का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालु दूर-दराज़ से पहुंचकर अपने मनोकामना पूरी होने की दुआ करते रहे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दरगाह इंतजामिया कमेटी और प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए। थानाध्यक्ष बसखारी सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस जवान पूरे दिन और रात गश्त पर तैनात रहे।
-
40 दिन तक चलेगा अगहनिया मेला
खानवादा-ए-अशरफिया से जुड़े इंतजामिया कमेटी के संरक्षक सैयद फैजान अशरफ चांद मियां ने बताया कि अगहनिया मेला 40 दिनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उनके ठहरने, पेयजल, प्रकाश और सफाई की व्यवस्था कमेटी की ओर से की गई है। मेले के दौरान दरगाह परिसर में धार्मिक रस्में, कव्वाली, फातेहा खवानी और अन्य परंपरागत कार्यक्रम संपन्न होंगे।