नगर निगम सीवर लाइनों और संवेदनशील स्थानों पर लगवा रहा स्मार्ट सेंसर
- आईआईटी गांधीनगर के स्टार्टअप के सहयोग से नगर निगम की पहल
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सीवर ओवरफ्लो और जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने तकनीक आधारित पहल शुरू की है। इसके तहत शहर की प्रमुख सीवर लाइनों और संवेदनशील स्थानों पर स्मार्ट सेंसर लगाए जा रहे हैं जो सीवर नेटवर्क की रियल टाइम निगरानी करेंगे।
नगर निगम यह परियोजना आईआईटी गांधीनगर के स्टार्टअप एआईआरइएसक्यू के सहयोग से लागू कर रहा है। सेंसर से सीवर लाइन में जलस्तर बढ़ने, अवरोध पैदा होने या ओवरफ्लो की आशंका होने पर नियंत्रण कक्ष को तुरंत अलर्ट मिलेगा। इसके बाद संबंधित टीमों को मौके पर भेजकर समस्या का समाधान किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, सेंसर सीवर नेटवर्क के विभिन्न तकनीकी मानकों पर नजर रखेंगे। जलस्तर निर्धारित सीमा से ऊपर पहुंचने या प्रवाह बाधित होने की स्थिति में सिस्टम स्वत: चेतावनी जारी करेगा। इससे समस्या गंभीर होने से पहले ही आवश्यक कार्रवाई संभव हो सकेगी। नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों में सेंसर लगाने पर जोर दे रहा है, जहां मानसून के दौरान सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की शिकायतें अधिक मिलती हैं। इससे फील्ड टीमों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि मानसून से पहले सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। सीवर लाइनों में सेंसर लगाने की पहल सक्रिय निगरानी व्यवस्था को मजबूत करेगी और संभावित समस्याओं का समय रहते पता लगाने में मदद मिलेगी। निगम का उद्देश्य नागरिकों को मानसून के दौरान बेहतर और परेशानी मुक्त सीवरेज सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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रियल-टाइम मॉनिटरिंग से मिलेगी त्वरित प्रतिक्रिया
नगर निगम द्वारा स्थापित किए जा रहे स्मार्ट सेंसर सीवर नेटवर्क के विभिन्न तकनीकी मानकों की निगरानी करेंगे। जैसे ही किसी स्थान पर जलस्तर निर्धारित सीमा से ऊपर जाएगा या प्रवाह में बाधा उत्पन्न होगी, सिस्टम स्वतः अलर्ट जारी करेगा। सेंसर आधारित निगरानी व्यवस्था से फील्ड टीमों की कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। नगर निगम शहर की स्वच्छता एवं सीवरेज व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल और स्मार्ट तकनीकों का उपयोग बढ़ा रहा है।