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Noida News: सब्जी बेचकर लौट रहे विक्रेता की गोली मारकर हत्या

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सब्जी बेचकर लौट रहे विक्रेता की गोली मारकर हत्या
- जेब में नहीं थे बिक्री के रुपये, लूट का विरोध कर वारदात की आशंका
- पुलिस ने लूट की कोशिश को नकारा, घटना का कारण पता लगाने में जुटी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। साप्ताहिक बाजार से शनिवार रात लौट रहे सब्जी विक्रेता को बाइक सवार हमलावरों ने गोली मार दी। घायल सब्जी विक्रेता ने रविवार रात जिम्स में उपचार के दौरान तोड़ दिया। वारदात के वक्त सब्जी विक्रेता की जेब में रुपये नहीं थे। इससे लूट के विरोध पर हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने लूट का विरोध करने पर वारदात होने से इन्कार किया है। पुलिस का कहना है कि वारदात के कारणों की जांच की जा रही है।
मूलरूप से बदायूं निवासी कोमिल (50) डाढ़ा गांव में सपरिवार किराये पर रहते थे। कोमिल रविवार रात ओमीक्रान-1 सेक्टर के पास साप्ताहिक बाजार में जुगाड़ लेकर सब्जी बेचने गए थे। रात लगभग साढ़े दस बजे साप्ताहिक बाजार से लौट रहे थे। रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने कोमिल के पेट में गोली मार दी। इससे कोमिल गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कोमिल को अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर परिजन व अन्य ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने कोमिल की बेटी ऊषा की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अभी आरोपियों की पहचान व घायल के बयान भी नहीं ले पाई थी कि कोमिल ने दम तोड़ दिया।
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छोटी बेटी ने दर्ज कराई रिपोर्ट
सब्जी विक्रेता के चार बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा कुंवरपाल है और तीन बेटियां छोटी हैं। इनमें से सबसे छोटी ऊषा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। ऊषा का कहना है कि उसे नहीं पता उसके पिता को बाइक सवारों ने क्यों गोली मारी। लेकिन उसने बताया कि उसके पिता की जेब में रुपये नहीं थे।

बिजली ठेकेदार से हुआ विवाद
इसी बीच अस्पताल मिलने पहुंचे सब्जी विक्रेता के परिचित ने बताया कि साप्ताहिक बाजार के एक अन्य विक्रेता ने जानकारी दी है कि कोमिल से बिजली ठेकेदार का विवाद हुआ था। ठेकेदार साप्ताहिक बाजार में किराये पर प्रकाश की व्यवस्था करता है। बताया गया है कि ठेकेदार का अन्य दुकानदार से भी विवाद होता है।
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सब्जी विक्रेता के बयान दर्ज नहीं हो पाए। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। परिजन ने लूटपाट की कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि हर पहलु से जांच की जा रही है। - अशोक कुमार, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा
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