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Noida News: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले का ग्रेनो कनेक्शन... पांच साल में 80 करोड़ होलोग्राम का अनुबंध, आठ पैसे प्रति था कमीशन

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले का ग्रेनो कनेक्शन
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पांच साल में बनाए 80 करोड़ डुप्लीकेट होलोग्राम, आठ पैसे प्रति था कमीशन
- कासना की कंपनी में बनाए जाते थे, विशेष सचिव समेत पांच पर केस का मामला
- अवैध रूप से दिया था टेंडर, छत्तीसगढ़ सरकार को 1200 करोड़ के राजस्व की हुई क्षति
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। छत्तीसगढ़ के 2161 करोड़ के शराब घोटाले के लिए डुप्लीकेट होलोग्राम कासना स्थित फैक्टरी में बनाए जाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साइट-5 स्थित मेसर्स प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (पीएचएसएफ) से पांच साल में 80 करोड़ होलोग्राम बनाने का अनुबंध किया गया था। इससे छत्तीसगढ़ सरकार को 1200 करोड़ के राजस्व की क्षति हुई। विशेष सचिव उत्पाद शुल्क अरुणपति त्रिपाठी (आईटीएस) की मिलीभगत से आबकारी आयुक्त आईएएस निरंजन दास और आईएएस अनिल टुटेजा ने निविदा शर्तों को संशोधित कर अवैध रूप से निविदा आवंटित की थी। इसके बदले प्रति होलोग्राम 8 पैसे का कमीशन लिया गया।
कासना थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया हे कि पीएचएसएफ को छत्तीसगढ़ के उत्पाद शुल्क विभाग ने होलोग्राम के लिए अवैध रूप से टेंडर दिया था। जबकि कंपनी निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र नहीं थी। आरोप है कि कंपनी के मालिक और छत्तीसगढ़ राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से निविदा आवंटित की गई थी। छत्तीसगढ़ में सरकारी दुकानों से अवैध देशी शराब की बोतलें बेचने के के लिए बेहिसाब डुप्लीकेट होलोग्राम की आपूर्ति का अनुबंध किया गया। होलोग्राम अक्टूबर 2019 से जून 2022 तक आपूर्ति किए। 2021 में मेसर्स पीएचएसएफ के परिसर से डुप्लिकेट होलोग्राम भी जब्त किए गए थे। शराब घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय आरोप पत्र दाखिल कर चुका है। आरोप पत्र में कहा गया था कि साजिश के तहत सिर्फ मोटा कमीशन देने वाले निर्माताओं से शराब खरीदी गई। अरुणपति त्रिपाठी केवल चुनिंदा व कमीशन देने वालों से शराब खरीदते थे। सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लि. द्वारा संचालित दुकानों के माध्यम से बेहिसाब अवैध शराब के निर्माण और बिक्री की साजिश रची थी।
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ग्रेनो के शराब कारोबारी की गुवाहाटी से हुई थी गिरफ्तारी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो का नाम पहली बार किसी शराब घोटाले से नहीं जुड़ा। इससे पहले पहले नवंबर 2022 में बिहार पुलिस की मद्य निषेध इकाई ने गुवाहाटी के फाइव स्टार होटल से ग्रेनो निवासी शराब कारोबारी सुनील भारद्वाज उर्फ सुनील शर्मा को गिरफ्तार किया था। उस दौरान उनके साझेदार पार्टनर दोरजी फुन्सो करीमी को गिरफ्तार किया था। सुनील मूलरूप से बुलंदशहर के रहने वाले हैं और वहां से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। सुनील के जेल जाने के बाद भी उनके घर पर छापेमार कार्रवाई की गई थी। ब्यूरो
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