ग्रेटर नोएडा। शहर और बड़ा होने जा रहा है। इसका क्षेत्र 21 हजार से 51 हजार हेक्टेयर करने की योजना है। इसके लिए मास्टर प्लान 2041 तैयार होगा। इसे बनाने के लिए कंपनी का चयन हो गया है। ग्रेटर नोएडा का विकास मास्टर प्लान 2021 के अंतर्गत हो रहा है। वर्तमान में शहर का कुल क्षेत्रफल 22,255 हेक्टेयर है। अब इसका मास्टर प्लान 2041 तैयार होने जा रहा है। इसे तैयार करने के लिए प्राधिकरण ने रुद्राभिषेक इंटरप्राइज लिमिटेड का चयन किया है।
कंपनी ने बृहस्पतिवार को इस पर प्रस्तुतीकरण भी दिया। 2041 के मास्टर प्लान के हिसाब से 51 हजार हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। पहली बार ग्रेटर नोएडा गौतमबुद्ध नगर की सीमा को पार करेगा। बुलंदशहर व हापुड़ के कुछ गांव भी इसके दायरे में आ जाएंगे। यह क्षेत्र रेलवे लाइन से दादरी की तरफ का होगा और हापुड़ बाईपास तक का एरिया इसके दायरे में आ जाएगा। इसमें 200 से अधिक गांवों की जमीन ली जाएगी। नोएडा एयरपोर्ट को देखते हुए ग्रेटर नोएडा में भी जमीन की मांग बढ़ी है। तमाम उद्यमी यहां निवेश करना चाह रहे हैं। उनको जमीन मिल सकेगी और उद्योग लगेंगे। इससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार भी मिल सकेगा।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बने फ्लैट भी धीरे-धीरे बसते जा रहे हैं। इसके बाद रिहायश की जरूरत नए शहर से पूरी हो सकेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि कंपनी को छह माह में ड्राफ्ट रिपोर्ट और एक साल में मास्टर प्लान की फाइनल रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर विस्तार की योजना तैयार की जाएगी। प्रस्तुतीकरण के दौरान सीईओ के अलावा एसीईओ अमनदीप दुली, ओएसडी संतोष कुमार, जीएम वित्त एचपी वर्मा, जीएम परियोजना एके अरोड़ा, जीएम नियोजन मीना भार्गव व स्कूल आफ प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर के पूर्व निदेशक प्रो. जमाल अंसारी मौजूद रहे। सीईओ ने बताया कि स्कूल ऑफ प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर नई दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. जमाल अंसारी को सलाहकार बनाया है, जो मास्टर प्लान तैयार करने में मार्गदर्शन करेंगे।