- हादसे के वक्त् कमरे में कोई नहीं था, प्राधिकरण सभी 128 फ्लैट जर्जर घोषित किए, खाली करने को कहा
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1980 में प्राधिकरण ने बनाकर आवंटित किए थे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-31 में रविवार रात बड़ा हादसा टल गया। सी ब्लॉक में बने जनता फ्लैट में एक फ्लैट की छत बारिश के दौरान भरभरा कर गिर गई। गनीमत रही कि दूसरे तल के इस फ्लैट में कोई नहीं था। फ्लैट की छत गिरने की सूचना के बाद सोमवार को नोएडा प्राधिकरण सतर्क हुआ। आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यहां सी ब्लॉक में बने सभी 128 जनता फ्लैट जर्जर घोषित किए गए। प्राधिकरण ने निवासियों से फ्लैट खाली करने के लिए कहा है।
सेक्टर-31 में आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए 128 जनता फ्लैट 1980 में आवंटित किए थे। यहां सी-6-65 फ्लैट नोएडा प्राधिकरण की तरफ से महेंद्र चंद कटोच के नाम आवंटित है। फ्लैट में कुलदीप दीक्षित नामक शख्स करीब सात साल से परिवार सहित किराये पर रहते हैं। रविवार शाम ड्राइंग रूम के कमरे की छत का कुछ प्लास्टर गिर गया था। कुलदीप इसको ठीक कर आए थे। कुछ देर बाद फिर से दरार दिखने लगी। इस दौरान यह परिवार दूसरे कमरे में रह रहा था। रविवार रात को बारिश के दौरान छत गिर गई।
अधिकारियों ने निरीक्षण कर यह बताई वजह, मरम्मत न होना बड़ा कारण-
सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के जीएम सिविल एसपी सिंह, जीएम प्लानिंग मीना भार्गव, डीजीएम सिविल विजय रावल एवं वर्क सर्किल-2 के सीनियर मैनेजर कपिल सिंह ने मौके पर जाकर मकान का निरीक्षण किया। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण में सामने आया कि इस मकान की छत के ऊपर 3 वाटर टैंक रखे हुए थे। कई साल से मरम्मत का काम नहीं होने के कारण छत पर पानी जमा हो रहा था जिससे छत कमजोर होती चली गई। इसके चलते कमरे की छत पानी की टंकी के दबाव में गिर गई। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया कि यहां पर अन्य मकानों का भी निरीक्षण किया तो सामने आया कि अन्य जनता फ्लैट भी जर्जर स्थिति में है। अधिकारियों के मुताबिक आवंटी द्वारा समय-समय पर मरम्मत नहीं करने और मंजूर नक्शे से विपरीत निर्माण कराने से यह स्थिति हुई है। ऐसे में जिन जर्जर मकानों में लोग रह रहे हैं, उनसे अपील की गई है कि इनको तत्काल खाली कर दूसरे मकानों में शिफ्ट हो जाएं जिससे कि किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके।
कई और जगहों पर गरीबों के मकान जर्जर हैं
सेक्टर-31 में एक फ्लैट की छत गिरने से खतरा उजागर हो गया है। लेकिन ऐसा ही खतरा अन्य जगहों पर भी बनाए गए जनता फ्लैट व श्रमिक कुंज में छाया हुआ है। सेक्टर-71, 73 जनता फ्लैट, सेक्टर-12, 22, 20, 15 श्रमिक कुंज सेक्टर-66, 93, 93 ए, 122 में बने हुए हैं। यह ज्यादा पुराने हैं। इसके साथ ही इनमें कई जगहों पर रखरखाव भी बेहतर न होने की बात सामने आती रहती है। प्लास्टर टूटा-फूटा और जर्जर हालत दिखती है। ये फ्लैट कमजोर होने के पीछे अतिक्रमण व अवैध निर्माण कर एक कमरा और बनाए जाने की बात भी सामने आती रहती है।