लखनऊ। शहर की सबसे पाॅश काॅलोनी गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में सड़कें कई-कई साल से नहीं बनी हैं। इन खराब सड़कों पर गिरकर आए दिन लोग चोटिल होते हैं, लेकिन नगर निगम ने इनकी मरम्मत के लिए अवस्थापना निधि व 15वें वित्त मद में एक भी पैसा नहीं दिया है। दूसरी ओर हिंद नगर वार्ड में बैडमिंटन कोर्ट बनाने के लिए सवा करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसे लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। इसी तरह कई करोड़ के काम डूडा की काॅलोनियों में स्वीकृत किए गए हैं।
गोमती नगर का विपुल खंड पांच व छह रफी अहमद किदवई वार्ड में आता है। यहीं पर देश के रक्षा मंत्री और सांसद राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह का भी घर है। यहां पर करीब तीन साल पहले जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने भूमिगत पाइप डाला था। इसके लिए सड़क खोदी गई थी, मगर अब तक बनी नहीं। भाजपा पार्षद दल के पूर्व नेता रामकृष्ण यादव कहते हैं कि सड़कों को बनवाने के लिए कई साल से बजट की मांग की जा रही है। प्रस्ताव भी दिया जा रहा है, मगर एक पैसा नहीं आवंटित किया जा रहा। जबकि कई जगह गैर जरूरी कामों के लिए अवस्थापना निधि से बजट दिया गया है। बजट आवंटित करते समय कई साल से खराब सड़कों को प्राथमिकता पर रखा जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
यहां आठ साल से नहीं बनी सड़क
चिनहट द्वितीय वार्ड के पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि गोमती नगर में मंत्री आवास से आकाशदीप होते हुए चंदन हाॅस्पिटल जाने वाली रोड करीब आठ साल पहले बनी थी। अब यह रोड खराब हो गई है। इस सड़क पर भारी ट्रैफिक रहता है। कई साल से इस सड़क को बनाने की मांग की जा रही है, मगर इसके लिए अवस्थापना और 15वें वित्त मद में बजट ही नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में सड़क बदहाल पड़ी है।
पूर्व नगर विकास मंत्री के घर के सामने की सड़क भी बदहाल
गोमती नगर के विशाल खंड तीन में पूर्व नगर विकास मंत्री स्वर्गीय आशुतोष टंडन गोपाल का घर है। यहां की सड़क कई साल से खराब है। बजरी उखड़ गई है और गड्ढे हो गए है। कुल मिलाकर सड़क ऐसी हो गई है कि जरा सा चूके तो दुर्घटना होना तय है। उसके बाद भी सड़क को बनाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
यह सड़कें सालों से खराब नहीं आ रही बनने की नौबत
केसरी खेड़ा वार्ड के सपा पार्षद देवेंद्र सिंह जीतू ने कहा कि वार्ड में बेरी फर्नीचर चौराहा से अनिरुद्ध के घर के तक सड़क खराब है। उसमें गड्ढे हैं। पांच साल से सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं, मगर बन नहीं रही है। इसी तरह न्यू लखनऊ पब्लिक काॅलेज से ग्लोबल स्टूडियो तक की सड़क में खराब है। बजरी उखड़ गई और गड्ढे हैं। यह सड़क भी करीब चार साल से नहीं बनी। खुशी विहार की सड़क तो कच्ची है कभी बनी ही नहीं। कई बार मांग की गई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। पार्टी देखकर बजट दिया जा रहा है।
सूची के कामों का हो फिर से सत्यापन
अवस्थापना और 15वें वित्त मद से जो काम स्वीकृत किए गए हैं उसको लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों ने नाम सावर्जनिक न करने की शर्त पर कहा कि सूची में कई ऐसी सड़कों को शामिल किया गया है जिनको बनाने की अभी ज्यादा जरूरत नहीं है। केसरी खेड़ा वार्ड में एक सड़क को दो जगहों पर शामिल किया गया। ऐसे में इसकी जांच होनी चाहिए और कामों का सत्यापन किया जाए उसके बाद नई सूची बने क्योंकि जहां पर जरूरत के बाद भी काम नहीं हो रहा है वहां की जनता के साथ अन्याय है।
जितना बजट था उस हिसाब से प्राथमिकता के आधार पर काम स्वीकृत किए गए हैं। आगे और बजट आएगा तो और सड़कें बनवाई जाएंगी। जितनी सड़कों को बनाने की मांग है, उसके लिए तो बहुत ज्यादा बजट की जरूरत है, क्योंकि अब विस्तारित इलाका भी नगर निगम में है। वहां पर भी जरूरत है। अभी पुराने और नए बजट को मिलाकर करीब 200 करोड़ रुपये ही थे जिससे काम स्वीकृत किए गए हैं। नगर निगम की आय सीमित है उसी हिसाब से काम कराए जा रहे हैं।
- सुषमा खर्कवाल, महापौर
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद
गोमती नगर के विपुल खंड और विशाल खंड में खराब सड़कें। - फोटो : संवाद